पसगवां। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को एक जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। मृत शिशु पैदा होने की बात सुनकर प्रसूता ने छह घंटे बाद दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
थाना पसगवां के गांव नयागांव किशोरी निवासी सुनीता (30) पत्नी ओमप्रकाश शुक्रवार दोपहर करीब पौने 11 बजे सीएचसी में प्रसव कराने आई थी। अपराह्न करीब दो बजे उसने एक मृत शिशु को जन्म दिया, लेकिन इसकी जानकारी प्रसूता को नहीं दी गई। शाम को प्रसूता को नवजात की मौत की जानकारी मिलते ही उसकी हालत बिगड़ गई। प्राथमिक उपचार के बाद शाम को सुनीता को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, जहां उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।
मृतका के परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। मृतका के देवर देव प्रकाश ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि सुनीता दर्द से तड़पती रही, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। हालत गंभीर होने पर प्रसूता को रेफर किया गया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने देव प्रकाश के प्रार्थनापत्र पर प्रसूता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। मृत नवजात को दफना दिया गया। इस कारण पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।
थाना प्रभारी दीपक राठौर ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। अधीक्षक डाॅ. अश्विनी वर्मा ने बताया कि सुनीता को मृत शिशु पैदा हुआ था। जानकारी होने पर शाम को सुनीता की हालत बिगड़ गई। चिकित्सक ने जांच कर दवाएं दीं और रेफर कर दिया। अधीक्षक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। मृतका के परिजनों ने कोई शिकायती पत्र नहीं दिया है।