लखीमपुर खीरी/बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्निया घाट वन्यजीव प्रभाग के चौधरी चरण सिंह गिरिजा बैराज के गेट नंबर एक में राष्ट्रीय जलीव जीव डॉल्फिन का शव पानी में उतराया मिला। आशंका है कि मछलियों के शिकार के दौरान डॉल्फिन की मौत हुई होगी।
सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने डॉल्फिन के शव का दो पशु चिकित्सकों डॉक्टर दया शंकर और डॉक्टर दीपक से पोस्टमार्टम कराया। वनाधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम में डॉल्फिन की मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। शव का विसरा जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजने के लिए सुरक्षित कर लिया गया। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। उधर, गिरिजा बैराज में मछलियों का अवैध शिकार होने की आशंका के चलते डॉल्फिन की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
गेरुआ और घाघरा नदी में पाई जाती हैं डॉल्फिन
दुधवा टाइगर रिजर्व से होकर बहने वाली गेरुआ और घाघरा नदी में बड़ी संख्या में डॉल्फिन पाई जाती हैं। डॉल्फिन की सुरक्षा के लिए इन नदियों में मछली का शिकार प्रतिबंधित है। इसके बावजूद मछुआरे चोरी-छिपे मछलियों का शिकार करते हैं। इसमें कभी-कभी डॉल्फिन भी इनके जाल में फंस जाती है। माना यह जा रहा है कि मछलियों के अवैध शिकार के दौरान ही डाॅल्फिन की मौत हुई होगी।
पहले भी जान गंवा चुकी हैं चार डॉल्फिन
दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्निया घाट वन्यजीव प्रभाग स्थित चौधरी चरण सिंह गिरिजा बैराज में अब तक चार डॉल्फिन के शव मिल चुके हैं। वर्ष 2014 में एक डॉल्फिन का शव उतराया मिला था। इसके आठ साल बाद नवंबर 2022 में एक महीने के अंदर दो डॉल्फिन गेट नंबर एक व तीन में मृत अवस्था में मिली थीं। 22 फरवरी 2023 को इसी बैराज के गेट नंबर एक में एक डॉल्फिन का शव उतराया मिला। मालूम हो कि 18 मई 2010 को डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया था।
दुधवा टाइगर रिजर्व के कतर्निया घाट वन्यजीव प्रभाग के गिरिजा बैराज में एक डॉल्फिन मृत अवस्था में पाई गई है। डॉल्फिन की मौत कैसे हुई, इसकी जांच कराई जाएगी।
- ललित वर्मा, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व