लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में मरीजों की देखरेख में कोताही बरती जा रही है। डेंगू वार्ड में डेंगू संक्रमित रोगियों के साथ ही वायरल बुखार के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इससे उन्हें भी डेंगू होने की आशंका है।
जिले में डेंगू मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन ने 20 बेड का डेंगू वार्ड बनाया है। जिससे डेंगू संक्रमितों को अन्य रोगियों से अलग किया जा सके। लेकिन जिला अस्पताल में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने से बेड कम पड़ने लगे। ऐसे में मरीजों को अन्य वार्डों में भर्ती किया जाने लगा।
स्थित बेकाबू होने पर वायरल बुखार के मरीजों को डेंगू वार्ड में भर्ती करना पड़ रहा है। इस समय बेड के डेंगू वार्ड में 12 मरीज भर्ती हैं। इसमें दो मरीज डेंगू और शेष दस रोगी वायरल बुखार के हैं।
बिना मच्छरदानी भर्ती डेंगू संक्रमित बन रहे मुसीबत
जिला मलेरिया अधिकारी हरिशंकर बताते हैं कि शासन की स्पष्ट गाइड लाइन है कि डेंगू मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाया जाय और उसमें सिर्फ इन्हीं मरीजों को भर्ती किया जाए, वह भी मच्छरदानी युक्त बेड पर। एक वार्ड में डेंगू मरीज के साथ बुखार के अन्य मरीजों को भर्ती करने पर उनमें भी संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। डेंगू संक्रमित को काटने वाला मच्छर यदि किसी अन्य व्यक्ति को काटता है, तो वह भी डेंगू संक्रमित हो जाएगा।
डेंगू मरीजों के लिए वार्ड अलग बना है। हर बेड पर मच्छरदानी है। यदि डेंगू संक्रमित मरीज बिना मच्छरदानी लगाए भर्ती हैं और वह भी अन्य बुखार रोगियों के साथ, तो यह गलत है। स्टाफ को मच्छरदानी लगवानी चाहिए। इस संबंध में स्टाफ से जवाब तलब होगा।
-डॉ. आईके राम चंदानी, सीएमएस