पिंडौल में साधू का वेश धारण कर सीता का हरण ले जाता रावण। संवाद
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव पिंडौल में चल रही रामलीला के मंच पर लंकापति रावण की ओर से सीता हरण की लीला का मंचन किया गया। सूर्पणखा अपने अपमान का बदला लेने के लिए खर-दूषण के पास गई। खर-दूषण अपनी सेना के साथ पंचवटी पर चढ़ाई करते हैं और राम के हाथों मारे जाते है। इसके बाद सूर्पणखा रावण के पास गई। उसने पूरी घटना रावण को बताई। उसने छल का सहारा लेते हुए मामा मारीच को सुनहरे हिरण का रूप धारण कर पंचवटी में राम की कुटिया के पास जाने का आदेश दिया। इसी बीच साधु के वेश में रावण सीता के पास आ जाता है और रावण अपने असली रूप में आ गया। सीता का हरण कर पुष्पक विमान से लंका ले गया। संवाद