लखीमपुर खीरी। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन मां दुुर्गा के तीसरे स्वरूप माता चंद्रघंटा का पूजन हुआ। इस दौरान मंदिरों से श्रद्धालुओं की भीड़ नदारद रही। लॉकडाउन के चलते देवी मंदिरों में जहां पुजारियों ने मां की पूजन किया तो श्रद्धालुओं ने घर पर ही विधि विधान से उनकी आराधना की। शुक्रवार की सुबह से ही देवी मंदिरों से लेकर भक्तों के घरों में मां के जयकारे गूंजते रहे। व्रत रखने वालों ने दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया। पुजारी पंडित प्रमोद दीक्षित ने बताया कि माता के शिख पर चंद्र और हस्त में घंटा है। इसलिए देवी को चंद्रघंटा के नाम से जाना जाता है। मां की आराधना से शांति, सुख और वैभव मिलता है। संवाद