पुराना जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन। संवाद।
लखीमपुर खीरी। शरीर के अंदरूनी हिस्सों की जांच के लिए कराई जाने वाली सीटी स्कैन की सुविधा पहली पहली जनवरी से बंद हो जाएगी। जिला अस्पताल के सूत्र बताते हैं कि अनुबंध आगे न बढ़ाने की वजह से यह सुविधा बंद हो जाएगी। मरीजों को पैसे खर्च करके जांचें करानी पड़ेंगी।
साल 2017 में जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की मशीन लगाई गई थी। इसके बाद से लगातार मरीजों को मुफ्त में यह सुविधा प्रदान की जा रही थी, लेकिन अब इस सुविधा पर ग्रहण लगता हुआ दिखाई दे रहा है। टेंडर के नवीनीकरण न होने की वजह से माह जनवरी से यह सुविधा मरीजों को नहीं मिल पाएगी।
बता दें कि हर दिन 20 से 25 सीटी स्कैन होते हैं। ऐसे में यदि यह सुविधा बंद हो जाएगी तो मरीज प्राइवेट लैब की ओर रुख करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि सात साल के लिए कंपनी से इसका अनुबंध किया गया था। इसमें तीन साल अनुबंध आगे बढ़ाना था, लेकिन अनुबंध बढ़ाया नहीं गया। इससे अब मरीजों को परेशानी पैदा होगी।
जिला अस्पताल में लगी है 68 कैमरों से लैस सीटी मशीन
साल 2017 में पुराने जिला अस्पताल में 68 कैमरों से लैस सीटी स्कैन मशीन लगाई थी। इस मशीन से बीमारी को आसानी से पकड़ा जा सकता है। फिलहाल कर्मचारी मरीज की बीमारी और डॉक्टर की एडवाइज पर जांच करते हैं।
प्राइवेट पैथोलॉजी में 3000 से 6000 आता है खर्च
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा बंद हो जाने के बाद मरीजों को काफी परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं। हालांकि मामला शासन स्तर तक पहुंचने के कारण स्थानीय अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। बात करें प्राइवेट लैब की तो यहां पर कई जगहों पर सीटी स्कैन की सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए तीन से छह हजार रुपये खर्च आता है। इसीलिए गरीब तबके के मरीजों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।