प्रेस वार्ता मे मौजूद अनुबंधित बस यूनियन के पदाधिकारी
लखीमपुर खीरी। अनुबंधित बस ऑपरेटर्स यूनियन के पदाधिकारियों और डिपो अधिकारियों के बीच कोई बात नहीं हो सकी। विवाद का निपटारा न होने के चलते अनुबंधित बसों के पहिये आज से थम सकते हैं। मंगलवार को लखीमपुर से लखनऊ और अन्य स्थानों को जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों से दो चार होना पड़ सकता है।
अनुबंधित बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के क्षेत्रीय अध्यक्ष आनंद वर्मा, लखीमपुर अध्यक्ष प्रदीप पटेल व गोला अध्यक्ष अनुज दीक्षित ने प्रेस वार्ता की। संगठन की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अनधिकृत रूप से संचालित बसों का संचालन पूरी तरह से बंद न होने तक लखीमपुर, गोला व सीतापुर डिपो के वाहन स्वामी बसों का संचालन करने में असमर्थ हैं।
लखीमपुर डिपो में सिर्फ अनुबंधित बसें ही हैं। डिपो की सभी 100 बसें हड़ताल में होगी। इसका असर यात्रियों के सफर और डिपो की कमाई पर पड़ेगा। लखनऊ, सीतापुर, ऐरा, धौरहरा, गोला जाने वाले यात्रियों को दिक्कतों से दो-चार होना पड़ेगा।
यह है वजह
अनुबंधित बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने तीन दिन पहले एआरएम को एक ज्ञापन दिया था। लखीमपुर-लखनऊ रूट पर अनधिकृत रूप से संचालित बसों के कारण हो रहे नुकसान को बताया। इन बसों के संचालन को पूरी तरह बंद न कराने पर 28 अगस्त की रात 12 बजे से अनुबंधित बसाें की हड़ताल का अल्टीमेटम दिया था। यह भी बताया कि 22 अगस्त को सिधौली में एक डग्गामार बस चालक ने ओवरटेक कर अनुबंधित बस को टक्कर मार दी। बस के शीशे टूट गए। डग्गामार बस के चालक-परिचालक ने अनुबंधित बस के परिचालक से गाली-गलौज भी की।
यूनियन पदाधिकारियों से कई बार बात करने का प्रयास किया गया, बात नहीं हो सकी। कोशिश की जा रही है। अनुबंधित बसों की हड़ताल होने पर गोला, सीतापुर व अन्य डिपो से निगम की बसें मंगाकर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। सवारियों को किसी तरह की समस्या नहीं होने दी जाएगी।
मुकेश मेहरोत्रा, एआरएम