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महिला की गला दबाकर की गई हत्या

Sun, 21 Feb 2016 07:35 PM IST
लखीमपुर खीरी।
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मैगलगंज के गांव ढखिया देवी में संदिग्ध हालात में हुई दंपति की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने रहस्यों से पर्दा हटा दिया हैै, जिसमें महिला की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई हैै। खास बात यह है कि हत्या से पहले महिला की बेरहमी से पिटाई भी की गई, जिसके पूरे शरीर पर चोटों के निशान पाए गए हैं।
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ढखिया देवी निवासी नरेंद्र वाजपेयी का शव फांसी पर लटकता हुआ मिला था, जबकि उसकी पत्नी रीता उर्फ रोहिणी का शव जमीन पर पड़ा था। यह दोनों शव उनके घर से 10 मीटर दूर स्थित बाड़े में पाए गए थे। जबकि उसके घर में भाई मानू और उसकी पत्नी-बच्चे भी मौजूद थे। लेकिन इन्हें इस घटना की भनक तक नहीं लगी। रविवार को तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें डॉ सुजीत कुमार, डॉ राजू राजपूत और डॉ आरएस मधौैरिया शामिल थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक हत्या से पहले महिला को बुरी तरह से पीटा गया था, जिससे उसके पूरे शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। इसके बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। गौरतलब है कि घटनास्थल बाड़े के आसपास लोगों के मकान हैं, लेकिन किसी को महिला की चीख-पुकार सुनाई नहीं दी। वहीं मृतक नरेंद्र के भाई और उसकी पत्नी को भी महिला की चीखें सुनाई नहीं दी। हालांकि कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा होता था, जिससे लोगों ने ध्यान नहीं दिया। वहीं मृतक नरेंद्र के पोस्टमार्टम में डॉक्टरों ने फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की पुष्टि की है।

महिला के शरीर पर चोटों के निशान पाए जाने से उसकी हत्या की आशंका पहले से ही थी, जिसकी पोस्टमार्टम में पुष्टि हो गई है। जबकि नरेंद्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या की हैै। अब मृतका के परिवार वालों की तहरीर के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
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-विजय प्रताप यादव, एसओ, मैैगलगंज

मृतका के परिवार वाले दोनों शवों को ले गए अपने गांव
मैगलगंज (लखीमपुर खीरी)। थाना क्षेत्र के ढखिया देवी गांव में संदिग्ध हालात में हुई दंपति की मौत के मामले दूसरे दिन पोस्टमार्टम कराया गया, जहां से दोनों शवों को मृतका के परिवार वाले अपने गांव लेकर चले गए। मृतक के भाई ने विरोध किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। वहीं मृतका के भाई ने बहनोई के तीन भाइयों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
बता दें कि शनिवार की सुबह औरंगाबाद चौकी इलाके के ढखिया देवी गांव में नरेंद्र वाजपेयी और उनकी पत्नी रीता उर्फ रोहिणी के शव घर के पास ही बाड़े में मिले थे। नरेंद्र का शव फांसी पर लटकता हुआ मिला था, जबकि उसकी पत्नी का चोटिल शव जमीन पर पड़ा था। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए शनिवार को ही भेजा था, लेकिन रविवार की दोपहर बाद दोनों शवों का पोस्टमार्टम हो सका। पोस्टमार्टम हाउस पर नरेंद्र के ससुरालीजन दोनों शवों को सीतापुर जिले के इमलिया सुल्तानपुर थाना इलाके के बेलामऊ गांव ले जाने के लिए अड़ गए। नरेंद्र के भाइयों ने गांव ढखिया देवी में अंतिम संस्कार कराने के लिए तमाम प्रयास किए, लेकिन वह लोग नहीं माने और दोनों शवों को अपने साथ लेकर चले गए। वहीं ढखिया गांव में मृतक नरेंद्र के परिवार वाले शवों के आने का इंतजार करते रहे। जबकि दिल्ली में काम करने वाले दोनों भाई भी गांव पहुंच चुके थे। उधर, सीतापुर जिले के गांव बेलामऊ में दोनों शवों को मुखाग्नि मृतक के बड़े बेटे शिवपूजन ने दी। इस मामले में मृतका के बड़े भाई वेदप्रकाश अवस्थी ने प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप यादव को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि उसके बहन-बहनोई को संपत्ति के लालच में सतेंद्र वाजपेयी, मानू वाजपेयी, राजपाल वाजपेयी समेत अज्ञात लोगों ने मार डाला, जिसके बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। एसओ विजय प्रताप यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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