प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर अपने ही पति को मौत के घाट उतारने के मामले में अपर जिला जज हामिदउल्ला ने हत्यारोपी पत्नी सहित चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही चारों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता वीरेश सिंह तोमर ने बताया कि पलिया कस्बे के मोहल्ला सुभाष नगर में रहने वाला प्राइवेट शिक्षक जितेंद्र मौर्य कोचिंग सेंटर चलाता था। आरोप है कि उसकी कोचिंग में पढ़ने वाले बृजकिशोर का आना-जाना उसके घर शुरू हुआ तो जितेंद्र की पत्नी श्वेता वर्मा से उसकी नजदीकी बढ़ गई। आरोप है कि अवैध सबंधों के चलते 19 दिसंबर 2008 की रात को बृजकिशोर अपने साथी विजयपाल और धर्मेंद्र के साथ श्वेता के घर पहुंचा। वहां चारों लोगों ने जितेंद्र की गला दबाकर हत्या कर दी और मामले को खुदकुशी की तरफ मोड़ते हुए जितेंद्र की लाश को फंदे लटका दिया। बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि मृतक बोर्ड परीक्षाओं को पास कराने का ठेका लेता था शायद उसकी मौत की यही वजह रही। अदालत ने चाराें हत्यारोपियों को दोषसिद्ध पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है साथ ही सभी पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना डाला है।