जंगल से सेंठा फूस ला रहे बेला खुर्द गांव के कई लोगों ने आरोप लगाया है कि शराब के नशे में धुत एक वॉचर ने उनकी डंडों से खूब पिटाई की, जिसमें एक घायल की हालत काफी गंभीर है। विरोध में ग्रामीणों ने गांव में ही पूर्व प्रधान के नेतृत्व में पार्क प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस को तहरीर देकर वॉचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
रविवार को बेलाखुर्द गांव के तमाम महिला-पुरुष सेंठा फूस लेने पार्क के जंगल गए थे। दोपहर करीब तीन बजे महिलाएं सिर पर बोझ लादकर आ रही थीं। आरोप है कि इसी बीच शराब के नशे में धुत एक निजी वॉचर ने महिलाओं को दौड़ा लिया और जब पीछे आ रहे पुरुषों ने इसका विरोध किया तो वॉचर काफी नाराज हो गया। इसके बाद वॉचर ने उन लोगों से 50 रुपये बोझ की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि वह उसे 20 रुपये प्रति बोझ दे रहे थे। आरोप है कि नाराज वॉचर आग बबूला हो गया और डंडों से नरेंद्र कुमार, प्रमोद, हीरालाल, अमर सिंह, सुनील आदि की पिटाई करी दी। इसमें सुनील गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी पूर्व प्रधान मूलचंद यादव को दी। सोमवार को पूर्व प्रधान की अगुवाई में ग्रामीण कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्हाेंने मझगईं पुलिस को नामजद तहरीर देकर वॉचर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में अवधराम, रामकुमार, हरीश, नंदकिशोर, राधेश्याम, दिनेश, राजू आदि शामिल थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समय पार्क की सलूकापुर वन चौकी में तैनात कर्मचारी अवैध रूप से सेंठा व फूस की निकासी करवा रहे हैं। जिसमें डनलप वालों से तीन से पांच सौ रुपये और सिर पर बोझ लाने वालों से 20 से 30 रुपये की धन उगाही की जा रही है।