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काफी देर तड़पकर खेत में दौड़ता रहा विमलेश

Fri, 07 Apr 2017 11:19 PM IST
लखीमपुर खीरी
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जांच को पहुंचे एटीएस के डीआईजी उमेश श्रीवास्तव
विस्फोट वाला हादसा काफी दर्दनाक है और हादसे में मौत का शिकार हुए विमलेश के दर्द को जान लोगों की रूह तक कांप जाती है। उसके जख्मी साथी ने उसकी हालत खुद देखी है जिसे वह ढंग से बयां भी नहीं कर पा रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती घायल को देखने एटीएस के डीआईजी पहुंचे और घायल का बयान लिया।
विमलेश के जख्मी हाथ देखकर लग रहा है कि धमाका कितना जबरदस्त था। साथी अरुण भी बुरी तरह से जख्मी होकर वहीं गिर गया, लेकिन विमलेश हादसे में मिले जख्म को लेकर खेत में नमी वाली जगहों पर काफी देर तक दौड़ता और चिल्लाता रहा। इसके बाद वह वहीं गिर गया और दम तोड़ दिया। यह सब अरुण के सामने हुआ तो उसकी सुध चली गई। वह अब ढंग से हादसे को बयां भी नहीं कर पा रहा है। खेत में जहां जहां विमलेश दौड़ा है वहां उसके खून के छींटे और पैरों के निशान गवाही दे रहे हैं। इसके अलावा उसकी चप्पलें भी जहां की तहां मिली हैं। इस वाकये को जो सुन रहा है उसकी रूह तक कांप जा रही है। बेटे की मौत से शोकाकुल परिवार पोस्टमार्टम से इनकार कर रहा था, लेकिन सीओ के समझाने के बाद मान गया। तब पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू हुई।
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लाडले की मौत से मां बदहवाश
पलियाकलां। पहले पति की गुमशुदगी हुई तो फिर इस मां पर लाडले बेटे की मौत का गम टूटा और फिर वह बदहवाश हो गई। यूं तो उसके दो और बेटे हैं लेकिन छोटे बेटे के चले जाने का गम उसे तोड़े डाल रहा है। 17 साल का विमलेश अपने घर का सबसे छोटा बेटा था। वह कक्षा नौ छात्र था। उसके दो भाई 26 वर्षीय कमलेश और 21 वर्षीय अखिलेश भी हैं। छोटा होने के नाते वह दोनो भाईयों के साथ मां का भी लाडला था। खेत में पड़े बेटे शव को देख वह कई बार बेहोश हुई। वही विमलेश के पूरे कुनबे में कोहराम के हालात हैं और सभी की आंखों से आंसुओं का सैलाब बह रहा है।  

छर्रे और बारूद लिए कब्जे में
मौके पर बिखरे छर्रे, बारुद, सुतली, शीशे के टुकड़े  मिले हैं, जिसे पुलिस ने अपने  कब्जे में ले लिया है। पुलिस मौके की गहन पड़ताल में जुटी हुई है।


बार्डर समीप होने से पुलिस की नजर हर पहलू पर
भारत नेपाल सीमा कुछ किलोमीटर दूर है और ऐसे में भारतीय क्षेत्र में हुई यह विस्फोटक घटना गंभीरता से देखी जाने लगी है। मामला माओवाद और आतंकवाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस इस हां बम बनाने की ओर इशारा कर रही है। पुलिस बम बनने के साथ ही यह भी गौर कर रही है कि किसी ने यहां यह बम रखा तो क्यों रखा। इस बम को यहां रखने से किसको क्या फायदा हो सकता है? इस पर भी पुलिस नजरें दौड़ाने लगी है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस यह पहलू देख रही है कि कहीं माओवाद और आतंकवाद का साया तो नहीं है। पुलिस ने इस गांव के खेत में मिले विस्फोटक के बाद आसपास के अन्य गांवों के स्थानों और खेतों में चेकिंग अभियान भी चला दिया है। जांच की जा रही है कि कहीं और भी ऐसा विस्फोटक न हो।
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एसपी ने देखा मौका, एटीएस भी आएगी
एसपी मनोज झा ने मौका देखा। उनके मुताबिक मौके पर जो सुतली मिली है, वह जली नहीं है जिससे यहां बम बनाए जाने का इशारा मिल रहा है। इसको लेकर विस्फोटक विशेषज्ञ टीम और  एटीएस को सूचना देकर बुला लिया गया है, जो कि शनिवार को यहां पहुंच जाएगी और नेपाल सीमा व दुधवा के मद्देनजर बारीकी से जांच करेगी। इसके बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी। नेपाल बार्डर करीब होने के कारण गांव गजरौरा में इस  विस्फोट से सुरक्षा तंत्र सतर्क हो गया है। घटना को  हर पहलू से देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। 
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