जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर आग लगने से छह घर जलकर राख हो गए, जबकि 14 बकरियां जिन्दा जल गईं। दोनों घटनाओं लाखों के नुकसान का अनुमान है।
निघासन। पचपेड़ी गांव में आग लगने से एक घर जलकर राख हो गया। आग में 14 बकरियां जिंदा जल गईं। घर का सारा सामान भी जलकर राख हो गया। सूचना के बाद भी कोई भी राजस्व कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
अदलाबाद टहारा बंधा मार्ग पर पचपेडी गांव के पास सड़क के दक्षिण में चालक यूनुस का घर है। वह अपनी पत्नी शहनाज, बच्चों साहिबा, शीबा, अयान के साथ सोमवार की रात घर पर सोया हुआ था। रात करीब 10 बजे शहनाज अपनी पुत्री साहिबा के साथ लघुशंका करने के लिए उठी। उसने देखा कि घर के बाहर पड़ा छप्पर जल रहा है। उसने शोर मचाते हुए परिवार के सभी सदस्यों को जगाया। किसी तरह यूनुस ने अपने बच्चों को घर से बाहर निकाला। इसी बीच आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गांव से घर की दूरी अधिक होने के कारण ग्रामीणों के आने से पहले पूरा घर जलकर राख हो गया। शहनाज और उसके बच्चों ने आग पर काबू पाना चाहा, लेकिन वह उसे बुझा न सके। कुछ ही देर में सारा घर जलकर राख हो गया। आग लगने से घर के अंदर बंधी 14 बकरियां जिंदा जल गई। इसके अलावा चारपाई, बक्सा, तख्त, बर्तन, बिस्तर आदि सामान आग की भेंट चढ गया।
शारदानगर/महेवागंज। अलाव जलाने के दौरान उठी लपट छप्पर में जा लगी। इससे भड़की आग ने भयंकर रूप लेते हुए पांच घरों को चपेट में ले लिया, जिसमें ये सभी घर राख हो गए। पीड़ित खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।
रामापुर रौली गांव निवासी दरबारी के घर बच्चे मंगलवार शाम ठंड से बचने के लिए गन्ने की पाती से अलाव जला रहे थे। इस बीच आग की लपट छप्पर मे जा लगी। देखते ही देखते छप्पर धू-धू कर जलने लगा। आग देख बच्चे चीखने चिल्लाने लगे। आग की लपटों ने पड़ोसी परशुराम, हरद्वारी, अमर सिंह और मंसा राम के घरों को भी चपेट मे ले लिया। गांव मे अफरातफरी मच गई। ग्रामीण जब तक आग को काबू करते पांचों घर जलकर राख हो गए। अग्रिकांड में अनाज, कपड़े नगदी समेत सब जलकर नष्ट हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक सूचना के बावजूद फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंची। चौकी इंचार्ज महेश गंगवार मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना किया।