एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार द्वारा 28.60 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अनुदान शीघ्र प्राप्त होना है। चीनी मिलों की मंशा है कि वे शासन से प्राप्त होने वाले अनुदान का ही भुगतान करें तथा चीनी मिल का अंश 11.40 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान बाद में करें। किसानों ने आरोप लगाया कि चीनी मिलों की यह मंशा शासन के निर्देशों के विपरीत है। कहा गया है कि उच्च न्यायालय के भी निर्देश है कि चीनी मिलें अवशेष संपूर्ण गन्ना मूल्य का भुगतान करें। किसानों का कहना है कि चीनी मिलों द्वारा एक-एक दिन का गन्ना मूल्य का आंशिक भुगतान किया जा रहा है जिसके कारण पर्याप्त रुपये किसानों को नहीं मिल पा रहे हैं और इससे उनके आवश्यक कार्य, बच्चों की शिक्षा, घरेलू खर्च, कृषि उपकरण, उर्वरक नहीं आ पा रहे हैं। किसानों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने एसडीएम शादाब असलम को दिए गए ज्ञापन में पलिया चीनी मिल को निर्देशित करने तथा 40 रुपये प्रति क्विंटल की दर से एक मुश्त धनराशि का भुगतान कराने की मांग की है। किसानों का यही दल चीनी मिल पहुंचा और जीएम केन ओपी चौहान से वार्ता कर ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने शासन द्वारा निर्धारित 28.40 रुपये प्रति क्विंटल की दर तथा चीनी मिल का अंश11.40 रुपये प्रति क्विंटल को मिलाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किए जाने की मांग की है। किसानों में केन सोग्री अध्यक्ष विकास कपूर, उपाध्यक्ष फरजंद अली बिंदु मियां, किसान मजदूर संगठन के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष मनप्रीत सिंह, नयरुल इस्लाम खान, इंद्रजीत सिंह, समीर कपूर हरदीप सिंह सहित तमाम किसान शामिल रहे।