शहर में दिनदहाड़े गोली मारकर युवक को घायल करने के मामले में विशेष एडीजे अशरफ अंसारी ने तीन हमलावरों को दोषी पाया है। अदालत ने तीनों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 11-11 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि लखीमपुर शहर के मोहल्ला महाराजनगर निवासी रियाज की शहर के ही कल्लन आदि से पुरानी रंजिश चली आ रही थी। इसी रंजिश के चलते दो सितंबर 2006 को कल्लन उर्फ अनिल, गुफरान, गांधी और महताब उर्फ सोहराब ने रियाज के घर पर आकर फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में रियाज को बांह में गोली लग गई थी, और वह बुरी तरह घायल हो गया था।
मामले की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए रियाज के भाई मोहम्मद तारिक ने चारों हमलावरों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अदालती सुनवाई के दौरान मोहम्मद तारिक, रियाज, डॉ. वीरेंद्र सिंह तोमर एसआई रामप्रताप सिंह कुशवाहा की गवाही दर्ज कराई गई।
सुनवाई के दौरान गुफरान को अपचारी किशोर घोषित करते हुए उसकी फाइल अलग की गई। मामले में कल्लन उर्फ अनिल, महताब उर्फ सोहराब और गांधी को दोषी पाते हुए सात सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही प्रत्येक पर 11-11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है, अदालत ने यह व्यवस्था भी दी है कि वसूली गई जुर्माने की राशि में से 25 हजार रुपये घायल रियाज को बतौर मुआवजा दी जाएगी।