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सीमा पर फिर बढ़ी तस्करी

Sun, 03 Jan 2016 11:24 PM IST
गौरीफंटा
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गणतंत्र दिवस को महज 23 दिन ही बचे हैं और सरहद पर खुले आम तस्करी जारी है। तस्करी के माल में बड़े पैमाने पर पेट्रोलियम पदार्थ शामिल हैं। इसमें गैस सिलेंडर को बोरे में रखकर सुरक्षा एजेंसियों के सामने से निकाला जाता है और पता भी चलता है कि इसमें सिलेंडर रखा है तब भी उसे रोका नहीं जाता है। देश में हो रही आतंकी घटनाओं के मद्देनजर गणतंत्र दिवस को लेकर सरहद पर ऐसे चल रहे अलर्ट से सभी सुरक्षा एजेंसियां सवालों के घेरे में आ गईं हैं वहीं सुरक्षा पर सवालिया निशान लग रहे हैं।
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अभी हाल ही में देश में एक आतंकी घटना हुई है और इसको लेकर पूरा देश और सिस्टम सकते में है। गणतंत्र दिवस करीब है और ऐसी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश सभी सुरक्षा एजेंसियों को दिए गए हैं लेकिन गौरीफंटा की सरहद पर यह निर्देश बेमानी साबित हो रहे हैं। यहां का जो नजारा उसे देख साफ कहा जा सकता है कि देश की सुरक्षा के प्रति कोई गंभीर नहीं है। पेट्रोलियम पदार्थ तो जैसे लाइसेंस पर बार्डर से पार होकर नेपाल जा रहे हों और उधर से इससे संबंधित माल आ रहा है। डीजल, पेट्रोल और गैस सिलेंडर नेपाल को बड़े पैमाने पर भेजे जा रहे हैं।
कोतवाल, गौरीफंटा कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि एक महीने से पुलिस पंचायत चुनाव में उलझी थी। तस्करी की प्रमुख जिम्मेदारी कस्टम और एसएसबी की है। फिर भी यदि ऐसा है तो हम स्वयं देखेंगे कि तस्कर चाहें कितना दबंग या ताकतवर हो पकड़े जाने पर जेल भेजा जाएगा।
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आम आदमी पर है प्रतिबंध
तस्करों पर भले ही सुरक्षा एजेंसियां रोक न लगाएं लेकिन आम आदमी पर उपभोग तक की वस्तुओं को ले जाने की इजाजत नहीं है। चाहे वह एक किलो दाल हो या फिर एक किलो चीनी। ऐसी ही तमाम वस्तुएं हैं जो आम लोग अपने इस्तेमाल के लिए ले जाएं तो रोक लिए जाते हैं।
इन वस्तुओं की भी तस्करी
सीमा पर सिर्फ पेट्रोलियम पदार्थ ही नहीं मादक पदार्थ, सौंदर्य प्रसाधन, विदेशी शराब, लौंग इलायची, सुपाड़ी, नशीली दवाइयां, चीनी, दाल, तेल, इलेक्ट्रानिक सामान, रेडीमेड कपड़ा बिसातखाना, ताबें और पीतल के बर्तन, चावल, ड्राईफूड, किराना, जीरा सूखा मिर्चा, आदि प्रतिबंधित लाखों का सामान रिक्शों, बाइकों से ले जाया जाता है।
दस बजे आते हैं साहब
सीमा पर स्थाई रूप से सुरक्षा एजेंसियों के लोगों को रहना होता है लेकिन ऐसा होता ही कहां हैं। अब कस्टम को ही ले लीजिए अधिकारी सुबह दस बजे पहुंचते है तब तक तस्कर लाखों का माल इधर-उधर कर चुके होते हैं।
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