कोतवाली क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर दीना में बिजली के टूटे तार में उलझकर दो बहनों को करंट लग गया, जिसमें ये एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी गंभीर रूप से जख्मी हो गई, जिसका इलाज शाहजहांपुर के अस्पताल में कराया जा रहा है। मामले की तहरीर पुलिस को दी है, लेकिन बिजली विभाग का कोई अधिकारी/कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है, जिससे ग्रामीणों में खासा रोष है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह केशवराम पाल की दो बेटियां ममता (21) और अंजुली (12) घर से गोबर डालने घूरे पर गई थी। जैसे ही वह रामेश्वर व कृष्ण कुमार के गन्ने के खेत के पास पहुंची, तो वहां एलटी लाइन के टूटे तारों में अंजुली का पैर फंस गया, जिससे वह छटपटा कर वहीं गिर गई। उसे बचाने दौड़ी बड़ी बहन ममता भी करंट की चपेट में आ गई, जब तक वह घर पर सूचना देती, अंजलि की मौत हो चुकी थी। देखते-देखते घर में कोहराम मच गया, मामले की सूचना पुलिस को दी।
दारोगा जागेश्वर प्रसाद ने मौके पर पहुंच कर अंजुली की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जबकि परिवार के अन्य लोग ममता को लेकर शाहजहांपुर अस्पताल गए। मृतका के पिता केशवराम पाल का कहना है कि उसने बिजली विभाग के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने की तहरीर दी है।
इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि गांव में इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी बिजली विभाग का कोई अधिकारी कर्मचारी घटना स्थल पर नहीं पहुंचा। एलटी लाइन कब से टूटी पड़ी है यह भी कोई नहीं बता पा रहा है। एसडीओ मोहम्मदी का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी है, यहां लाइन बरवर फीडर से संचालित होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग के कर्मचारियों को तार जोड़ने के लिए गांव वालों से दो सौ रुपये चंदा कर देते हैं, लाइन इतनी जर्जर है कि आए दिन तार टूटते रहते हैं। प्रधान पुत्र पिंटू द्विवेदी का कहना है कि अगर बिजली विभाग के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा। कोतवाली प्रभारी आनंद शाही का कहना है कि मामले की तहरीर मिल गई है, जांच कराकर रिपोर्ट दर्ज कर ली जाएगी।