नाबालिग को बहला फुसलाकर भगाने और उससे दुराचार करने के मामले में एडीजे एफटीसी जज नीलू मोघा ने आरोपी को सात साल की सजा सुनाई है साथ ही उस पर 20 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार खीरी थाना क्षेत्र के एक ग्राम निवासी किशोरी को गांव का ही अच्छे लाल उर्फ पांडे यादव 13 दिसंबर 2006 की सुबह लगभग चार बजे बहला फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया था। किशोरी के परिवार वालों ने कई दिनों तक तलाश के बाद मामले की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। किशोरी ने बरामदगी के बाद पुलिस को दिए बयान में अच्छे लाल समेत कई लोगों का नाम बताया था लेकिन पत्रावली सुनवाई के दौरान अच्छे लाल की फाइल अलग की गई। अदालत ने पीड़ित के साथ ही गंगेदेवी डॉ.वीके वर्मा, डॉ.दीपा शर्मा, एएसपी मुकेश पांडे और सिपाही अतहर अली की गवाही के आधार पर मामला साबित पाया। सोमवार को अदालत ने अच्छे लाल को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई, साथ ही उस पर बीस हजार रुपये जुर्माना लगाया। अपने फैसले में अदालत ने व्यवस्था दी है कि जुर्माने की आधी रकम पीड़ित को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।