फसल काटने से मना करने पर ग्रामीण को चोटिल करने के मामले में एडीजे एमजी मदार ने एक ही परिवार के पांच सदस्यों को मारपीट का दोषी पाया है। सभी को दो-दो वर्ष की कैद और तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना जमा करने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए शासकीय अधिवक्ता कफील अहमद अंसारी ने बताया कि पसगवां थाना क्षेत्र के ग्राम भोगियापुर निवासी रामप्रताप की रंजिश गमला देवी से चली आ रही थी। मुकदमेबाजी के बीच में ही 12 दिसंबर 2010 को गमला देवी के परिवारीजन शांतिदेवी, अखिलेश, रोहित, दरबारी ने लाठी डंडों और धारदार हथियारों से लैस होकर भोगियापुर स्थित धान के विवादित खेत पर धावा बोल दिया। फसल काटने का विरोध करने पर यह लोग रामप्रताप और उसकी पत्नी पर हमलावर हो गए और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि गमला देवी के ललकराने पर रामप्रताप की पत्नी नन्ही देवी पर रायफल की बट से चोट पहुंचाई गई साथ ही असलहाें से अंधाधुंध फायरिंग भी की गई। अभियोजन की ओर से रामप्रताप, नन्ही देवी, प्रवीण बाबू, शिवयादव, डॉ. अवनीश वर्मा, एसआई रोशनलाल गंगवार ने गवाही दी। इस मामले में अदालत ने शांति स्वरूप, अखिलेश, रोहित, दरबारी और गमला देवी को दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी पर तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना भी डाला है।