खीरी टाउन से सटे खेत में अवैध खनन के लिए खोदे गए गड्ढे में कस्बे के चार बच्चों की डूबकर मौत की घटना को प्रशासन एक हादसा मानकर भूल गया है। अब तक न तो खेत मालिक का पता चला है और न ही वह ईंट भट्ठा ही ट्रेस हो पाया है, जिसके लिए खेत से गहराई तक मिट्टी खोदी गई थी। हद तो यह है कि पानी भरे जानलेवा गड्ढे रविवार से हो रही वर्षा के कारण तालाब बन गए, लेकिन इनके चारों और सुरक्षा संबंधी कोई इंतजाम मसलन बाड़ या चेतावनी का बोर्ड तक नहीं लगवाया है।
प्रशासन की उदासीनता की सबसे बड़ी नजीर यह है कि जिस गड्ढे में खीरी कस्बे के मोहल्ला हनिया टोला निवासी कंधईलाल की पुत्री रेशमा और पुत्र राकेश, डालूचंद के पुत्र संजय कुमार और घनश्याम की मौत हो गई थी उस गड्ढे को अब तक नहीं पटवाया गया है और न ही मिट्टी बराबर कराई गई है। लगातार वर्षा होने के कारण अब इन गड्ढों में ऊपर तक पानी भर गया है। जिससे यह गड्ढे अब तालाब बन गए हैं। यहां बता दें कि जिस समय यह घटना हुई थी, उस समय अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर इन गड्ढों को देखा था और गड्ढों को भरवाने और इसके लिए दोषी लोगों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया था लेकिन इस दर्दनाक घटना को पांच दिन बीत गए हैं और कार्रवाई के नाम पर प्रशासन कुछ खास नहीं कर पाया है। इससे न सिर्फ अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे, बल्कि यह गड्ढे खीरी कस्बावासियों के लिए खतरा बने हुए हैं।
बच्चों की मौत दुखद घटना थी। प्रशासन इस संबंध में गंभीर है और खेत मालिक का पता लगाया जा रहा है। ईंट भट्ठा किसका था यह भी जल्द ही पता चल जाएगा। इस बात की जांच की जा रही है कि खेत में गड्ढा खोदने के लिए रायल्टी जमा की गई थी या नहीं।
-आलोक कुमार वर्मा, एसडीएम सदर
मामले की जांच एसडीएम को सौंपी गई थी, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-एसपी सिंह, एडीएम/प्रभारी-खनन।