मोहम्मदी। एडीजे कोर्ट मोहम्मदी ने गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपी पति/ पत्नी को दस-दस साल की सजा सुनाई और 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता वीरेश कुमार सिंह ने बताया कि थाना पसगवां के गांव दूल्हापुर निवासी मुन्ना और उसकी पत्नी ललिता का अपने ममेरे भाई देवरतन की मां के साथ बकरियों के बच्चों केे लेकर विवाद हो गया था, बात इतनी बढ़ गई कि देवरतन और पत्नी गोदावरी ने मुन्ना को लाठी डंडों से पीट पीटकर जख्मी कर दिया था। रात में कोई साधन न मिलने से मुन्ना की सुबह घर में ही मौत हो गई थी। जिसकी रिपोर्ट मुन्ना के भाई रघुनाथ ने 13 नवंबर 2005 को देवरतन और गोदावरी के खिलाफ दर्ज कराई थी।
11 साल तक चले इस मुकदमे में बतौर साक्ष्य वादी रघुनाथ, डॉ राजेंद्र प्रसाद, मृतक मुन्ना की पत्नी ललिता, विवेचक एसआई रामप्रदीप यादव आदि की गवाहियां हुई। बहस के दौरान बचाव पक्ष ने भी अपनी दलीलें पेश की लेकिन शासकीय अधिवक्ता के तर्कों से संतुष्ट एडीजे संजय खरे ने पति देवरतन और उसकी पत्नी गोदावरी को दोषी मानते हुए उन्हें दस-दस साल की सजा सुनाते हुए पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। एडीजे कोर्ट ने पिछले 15 दिनों में तीन पुराने केसों का निपटारा करते हुए सजा सुनाई है।