गांव में तनाव, मामले की गंभीर के चलते अलीगंज चौकी में पीएसी तैनात
पुलिस की निष्क्रियता बनी अलीगंज में बवाल की वजह
घायल पूर्व प्रधान और उसका पुत्र जिला अस्पताल में भर्ती
कुशमौरी में दो बीघा पट्टे की जमीन के लिए चार दिन पूर्व अलीगंज में हुई दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना में पुलिस की निष्क्रियता से दबंगों के हौसले बुलंद है। उन्होंने मंगलवार को फिर हमला बोलकर जमकर तांडव किया। उनकी पिटाई से पूर्व प्रधान और उनका बेटा घायल हो गया है, जिन्हें इलाज के लिए सीएचसी गोला लाया गया। डॉक्टरों ने हालात गंभीर देख प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। जिसमें पुत्र की हालत गंभीर बताई जा रही है। पूर्व प्रधान के बड़े पुत्र ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक कंपनी पीएसी अलीगंज चौकी में डेरा जमाए है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव कुशमौरी निवासी पूर्व प्रधान जितेंद्र कुमार शुक्ला के पुत्र अटल शुक्ला ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि 24 अप्रैल की शाम पांच बजे उसके पिता जितेंद्र और छोटा भाई अमल शुक्ला गेहूं गहाई के लिए खेत पर लेबर दिनेश के साथ खेत पर थ्रेसर मशीन लेकर गए थे। उसी समय गांव निवासी हरिनंदन शुक्ल, गोविंद, अरविंद, अमित, शिवनंदन, अमन, रमेश, आशीष, अशोक, लल्लन शुक्ला, राजकुमार, शिवम दीक्षित, राजकुमार, राजन दीक्षित, आत्माराम आदि ने अपने साथियों के साथ अटल के पिता और भाई को घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। खेत में पड़ी गेहूं की लांक और डनलप में आग लगा दी। मारपीट में जितेंद्र और अमल गंभीर घायल हो गए। आरोप है कि हमलावर जगदीश के गले से सोने की चेन लूटकर फरार हो गए। दोनों घायलों को गंभीरावस्था में सीएचसी लाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने अटल की तहरीर पर 395 और 397 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। घटना के पीछे पट्टे की जमीन का विवाद बताया जा रहा है। ज्ञात हो कि 21 अप्रैल को आरोपी हरिनंदन और गोविंद का गांव के ही संदीप के साथ विवाद हो गया था। जिसमें दोनों पक्षों की ओर से कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने से दबंगों के हौसले बुलंद हो गए और आरोपियों ने पुन: घटना को अंजाम दे दिया। गांव में घटना से तनाव का माहौल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एक कंपनी पीएसी ने अलीगंज चौकी में डेरा जमा लिया है।
घटना के पीछे है जमीनी विवाद
घटना के पीछे दो बीघा पट्टे की जमीन का विवाद है, जो पूर्व में गांव की ही रामबेटी के नाम से दर्ज है। बताया जाता है कि रामबेटी को हरिनंदन का संरक्षण प्राप्त है। जिस पर अब हाईकोर्ट से स्टे लिया गया है। पट्टे की एक बीघा जमीन पर गांव के ही संदीप मिश्र और पूर्व प्रधान जितेंद्र शुक्ल काबिज हैं। कब्जा लेने को लेकर घटना का कारण माना जा रहा है।
दो बीघा पट्टे की जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद है, जिनमें आए दिन विवाद होता रहता है। पिछले दिनों दोनों पक्षों पर समुचित कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब फिर विवाद हुआ है, इसलिए दोनों पक्षों पर समुचित धाराएं लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक कुमार यादव, सीओ