बेलाटापर गांव के एक घर में चारपाई में किसी ने आग रख दी इससे बिस्तर जलने
लगा। गनीमत रही कि चारपाई पर सो रहे मासूमों को उनकी मां ने बचा लिया।
यहां
का निवासी रामचंद्र शुक्रवार मजदूरी करने गया था। पत्नी, तीन वर्षीय
पुत्री लक्ष्मी और एक वर्षीय पुत्र आयुष घर पर थे। दोपहर में उनकी पत्नी
ने अपने दोनों बच्चों को छप्पर के नीचे पड़ी चारपाई पर बिस्तर लगाकर लिटा
दिया और मच्छरदानी लगाकर वह नल पर नहाने चली गईं। आरोप है कि किसी ने
मच्छरदानी और बिस्तर में आग लगा दी। जिससे बिस्तर और मच्छरदानी जलने लगे।
चारपाई से धुंआ उठता देख नल पर नहा रही रामचंद्र की पत्नी के होश उड़ गए और
मुंह से चीख निकल पड़ी। उसने दौड़कर आनन-फानन में मच्छरदानी को हटाकर
फेंका और बच्चों को बिस्तर से उठाकर उनकी जान बचाई। चीख और घर से धुंआ उठता
देख वहां काफी भीड़ लग गई।