भीरा रेंज के छैरासी बीट में एक अधजला शव पड़ा होने की खबर से सनसनी फैल गई। वन कर्मचारियों ने सबसे पहले शव को देखा और सूचना पुलिस को दी। करीब तीन घंटे तक गोला व भीरा पुलिस ने सीमा विवाद में शव को हाथ नही लगाया। शव की शिनाख्त कन्नापुर के ग्रामीण के रूप में हुई है। मृतक के पुत्र ने हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतक के साथ में गए एक ग्रामीण को हिरासत में लिया है।
पल्हनापुर गांव से अहमदाबाद ग्रंट जाने वाले जंगल के रास्ते के किनारे एक खाई में एक अधजला शव और कुछ दूर पर एक बाइक पड़ी होने की सूचना वनकर्मचारियों ने पुलिस को दी। सूचना पाकर सबसे पहले भीरा एसओ ब्रजराज यादव मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने शव को गोला क्षेत्र में होने का हवाला देकर कार्रवाई नहीं की। हालांकि मौके पर मिली बाइक के नंबर के आधार पर मृतक की पहचान की कोशिश शुरू कर दी। इस बीच गोला कोतवाली के मूड़ा पुलिस पिकेट से दो सिपाही पहुंचे उन्होंने शव को भीरा क्षेत्र में पड़े होने की सूचना कोतवाली में दी। अधजला शव मिलने की सूचना पर सीओ गोला मधुबन सिंह के साथ गोला कोतवाल और पूरा फोर्स मौके पर पहुंच गया। सीमा विवाद के चलते करीब चार बजे तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नही की। बाद में लेखपाल के सीमा नापने का बाद गोला पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। इसी क्रम में बाइक के नंबर के आधार पर मिली जानकारी और क्षेत्र में एक शव मिलने की चर्चा के बाद मौके पर पहुंचे कन्नापुर गांव के सत्यप्रकाश ने मौके पर चप्पल, चश्मे और बाइक के आधार पर शव की शिनाख्त पिता जंगबहादुर के रूप में की।
वह गुरुवार की शाम को चार बजे अपने एक साथी के साथ बाइक से ग्रंट गांव गया था। परिवार के लोगों ने सोचा कि वह रिश्तेदारी में गया होगा। सुबह से परिवार के लोग तलाश में जुटे थे। पुलिस ने मृतक के साथ में आखिरी बाद देखे गए मझर्गइं निवासी उसके एक साथी को हिरासत में लिया है।