गांव मनमदपुर से अगवा हुआ दूधिया रामनिवास 11 दिन बाद घर लौट आया है। पुलिस ने एक अपहरणकर्ता को गिरफ्तार भी किया है। अपहरणकर्ता रामनिवास को भूखा-प्यासा रखते थे। 11 दिनों में उसे सिर्फ 11 रोटियां खिलाईं गईं। अपहरणकर्ताओं ने रामनिवास को अमानवीय यातनाएं भी दीं, यही वजह है कि उसे बांए कान से सुनाई नहीं दे रहा है।
गांव मनमदपुर निवासी रामनिवास पांच जून को साइकिल से बेलरायां दूध देने था। बेलरायां से कुछ दूरी पर उसे दो बाइक सवार लोगों ने अगवा कर लिया। उसके बाद उसकी आंखों पर पट्टी बांधकर जंगल में ले गए। वहां ले जाकर उसके कानों में रूई ठूंस दी। उसकी पिटाई भी की, जिससे उसे बाएं कान से सुनाई नहीं दे रहा है। रामनिवास ने बताया कि उससे मोबाइल भी ले लिया गया। उसके मोबाइल से ही उसके घर पर फोन कर 10 लाख की फिरौती मांगी गई।
एसओ जेपी यादव ने बताया कि एसओ ईशानगर आरके यादव और अन्य पुलिसकर्मियों के सहयोग से गिरोह के एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की गिरफ्त में आते ही बदमाशों ने एसओ के नंबर पर फोन किया कि रामनिवास को पलिया से आने वाली ट्रेन पर बैठा दिया गया है। वह बेलरायां पहुंच जाएगा। एसओ ने सिपाही रवि पाठक को बेलरायां भेजा। वहां पर रामनिवास स्टेशन के बाहर मिल गया। पुलिस उसे लेकर थाने आई। उसके बाद उसे परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया गया। एसओ जेपी यादव के अनुसार एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शीघ्र ही अन्य अपहरणकर्ताओं को पकड़ा जाएगा।
वीडियो फुटेज खोलेंगी राज
दुधवा टागर रिजर्व में लगे सीसी टीवी रामनिवास अपहरणकांड का राज खोलेंगे। एसओ ने बताया कि जंगल में आने-जाने वाले लोगों की तस्वीर कैमरे में कैद होती है, जिससे अगवा करने वाले लोगों का पर्दाफाश होगा।