दो वर्ष पहले नाबालिग लड़की को लखनऊ में बेचने के मामले में पुलिस ने तीन और लोगों का चालान भेजा है। अभी चार आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
थाना निघासन के एक गांव निवासी दो युवकों पर एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था। आरोप है कि धमकियां मिलने से लड़की का परिवार वहां से पलायन कर मझगईं आकर रहने लगा। जब लड़की के बयान होने वाले थे कि वह रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गई। घरवालों ने दो पुराने आरोपियों समेेत कुछ अन्य लोगों पर अपहरण करने का आरोप लगाया। काफी प्रयास के बाद सोनू, इखलाक, मुमताज खां, नाजिम और वारिस खां पर पलिया थाने में अपहरण का मामला दर्ज हुआ। इसमें मात्र मुमताज और वारिस ही पकड़ में आ सके। दो सप्ताह पूर्व पिता ने बेटी को लखनऊ के चिनहट में बरामद कर पुलिस को सौंपा। लड़की ने नौ लोगों के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म करने के साथ बेचने का मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया। पुलिस ने रूपेश सिंह, मुमताज, नाजिम, सोनू, इकलाख, वारिस, हसन मोहम्मद, श्रीपाल, लल्लू के खिलाफ कार्रवाई की । जिसमें लल्लू को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। जबकि दो लोग पहले से ही जेल में बंद था। शनिवार को नाजिम, श्रीपाल और हसन मोहम्मद को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया । आरोपी रूपेश सिंह, सोनू, इकलाख और मुमताज को अब भी पकड़ से बाहर हैं। पीड़ित पक्ष ने एसपी से सभी आरोपियों को जल्द पकड़ने की मांग की है।