लखीमपुर जाने के लिए घर से निकली आदिवासी थारू गांव सूरमा निवासी एक किशोरी के अपहरण का मामला पुलिस ने दर्ज कर लिया है। बालिका की तलाश में दूसरे दिन भी कांबिंग जारी रही और एसडीएम और सीओ ने गांव पहुंचकर घरवालों से जानकारी हासिल की।
आदिवासी थारू जनजाति क्षेत्र के गांव सूरमा निवासी पूरनलाल की 18 वर्षीय पुत्री मनीषा बीसलपुर (पीलीभीत) के एक कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा है। वह सोमवार को सुबह लखीमपुर जाने के लिए दुधवा रेलवे स्टेशन के लिए पैदल निकली थी। घरवालों के मुताबिक उसे दुधवा स्टेशन से कुछ पहले पगडंडी पर तीन असलाहधारी बदमाशों ने पकड़ लिया। उनके मुताबिक कुछ देर बाद उसी रास्ते से चार बच्चे भी निकले और बदमाशों ने उन्हें भी पकड़ने की कोशिश की। बच्चों ने शोर मचा दिया, इस पर बदमाश मनीषा को अपने साथ लेकर जंगल की ओर निकल गए।
घटना की सूचना बच्चों ने स्टेशन मास्टर को दी और बाद में घर पहुंचकर घरवालों और ग्रामीणों को बताया। सभी लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और जंगल के भीतर खोजबीन की। गौरीफंटा कोतवाली से पुलिस वाले भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। बदमाशों की संख्या तीन बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में अपहरण का मुकदमा दर्ज कर ग्रामीणों के साथ जंगल में कांबिंग की, जो बुधवार को भी जारी रही। पहले दिन कांबिंग में जंगल में गांठ लगा एक दुपट्टा बरामद हुआ। एसडीएम पीके सिंह और सीओ रामआसरे सिंह ने गांव पहुंचकर घरवालों और बच्चों से पूछताछ की।
सीओ-पलिया रामआसरे सिंह ने बताया कि युवती ने लखीमपुर से हाईस्कूल किया है, जबकि इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए उसने पीलीभीत के एक कॉलेज में एडमिशन कराया था। घटना के दिन उसने घर से कुछ रुपये लिए और लखीमपुर जाकर खरीदारी करने की बात कही थी। तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।