आरोपी दे रहे जान से मारने की धमकियां
एसपी को प्रार्थनापत्र दे लगाई न्याय की गुहार
कोतवाली के ग्राम लखरावां निवासी दलित रोहित को बांसी गांव के तीन लोगों ने रंजिशन गोली मारकर घायल कर दिया था। जिसका मुकदमा कोतवाली में नामजद दर्ज कराया गया था। किंतु पुलिस एक माह बाद भी आरोपियों को गिरफ्तारी नहीं कर सकी है, इसके विपरीत आरोपी उसे जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। रोहित की मां ने एसपी को प्रार्थनापत्र देकर दोषियों के विरुद्घ कार्रवाई और न्याय की गुहार की है।
प्रार्थनापत्र में रोहित की मां उर्मिला ने कहा है कि एक दिसंबर 2016 को सुबह रोहित (25) ट्रैक्टर-ट्रॉली से गन्ना मिल ले जा रहा था। बस्तौली के पास पहुंचते ही ट्रैक्टर के सामने विपक्षी बलविंदर सिंह, तमजीत सिंह और बादशाह सिंह ने बाइक से आकर ट्रैक्टर रोक लिया और बलविंदर सिंह ने 315 बोर तमंचे से रोहित को गोली मार दी जो उसकी जांघ में लगी। तमजीत सिंह ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से उस पर दूसरा फायर किया तो गोली आंख को छूती हुई निकल गई। घायल रोहित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और कोतवाली में धारा 307 और दलित उत्पीड़न एक्ट के तहत नामजद मुकदमा उसी दिन दर्ज कराया गया था। प्रार्थनापत्र में कहा गया है कि विपक्षियों से उसका एक मुकदमा न्यायालय में चल रहा है, जिससे वह लोग उससे रंजिश मानते हैं। तीन जनवरी 2017 को जब उर्मिला अपने मुकदमे की पैरवी के लिए अपने पड़ोसी जसविंदर सिंह के साथ लखीमपुर जा रही थी तो तीनों आरोपियों ने उसे रास्ते में अपशब्द कहते हुए रोक लिया और जसविंदर सिंह से मारपीट कर उसे जान से मार डालने की धमकी दी। प्रार्थनापत्र में उर्मिला ने लिखा है कि आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उस और उसके पुत्र या किसी परिवार वाले के साथ यदि कोई घटना घटित होती है तो उसका दोषी आरोपियों को माना जाए।