क्षेत्र में पशु बाजार तस्करों के लिए मुफीद बन गया है। शुक्रवार को चौकी पुलिस को पशु तस्करी की सूचना मिली थी। पुलिस को भनक लगते ही तस्कर वाहन लेकर भाग निकले। पुलिस ने पीछा कर संदिग्ध वाहन को कब्जे में ले लिया था। थोड़ी ही देर बाद कुछ लोग चौकी पहुंच गए, जिसके बाद वाहन छोड़ने का दबाव बनाया गया। फिर एक सपा नेता के हस्तक्षेप पर पुलिस ने वाहन को छोड़ दिया।
क्षेत्र में साप्ताहिक पशु बाजार लगती है। शुक्रवार को चौकी पुलिस को प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी की सूचना मिली। पुलिस आने की भनक लगते ही पशुओं को वहीं छोड़ तस्कर वाहन लेकर भाग निकले थे। पुलिस ने वाहन का पीछा किया। कुछ दूरी पर पुलिस को वाहन खड़ा मिला तो कब्जे में ले लिया। शाम ढलते ही दर्जनों लोग पुलिस चौकी जा पहुंचे और हंगामा किए। आरोप है कि लोगों ने चौकी पुलिस पर वाहन छोड़ने का दबाव बनाना शुरू किया। इस जद्दोजहद के बीच एक सपा नेता के फोन पर पुलिस को वाहन छोड़ना पड़ा। चौकी इंचार्ज शिवानंद पटेल ने बताया कि मौके पर गाड़ी में कुछ नहीं मिला था। इसलिए वाहन को छोड़ना पड़ गया।
उन्हीं में से एक तो नहीं
रजागंज में शुक्रवार को दुर्घटना का शिकार हुई पशुओं से भरी पिकअप के दुबग्गा से ले जाने की आशंका बनी हुई है। सूत्रों की माने तो पशुओं से भरे तीन वाहन शुक्रवार की सुबह शिवालापुरवा गांव से होकर गुजरे थे। ग्रामीणों की नजर पड़ी तो उन्होंने वाहनों को रोकने की कोशिश की थी।
ग्रामीणों के मुताबिक चालकों ने वाहन की गति बढ़ा दी और गोला रोड पर भगा ले गए। ग्रामीणों के मुताबिक यह बात उन्होंने पुलिस को भी बताई थी। उसी रोज फरधान थाना क्षेत्र के मुर्तिहा गांव के पास पशुओं से भरी एक पिकअप पलट गई थी। पुलिस को भी उन्हीं में से एक वाहन के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने का अंदेशा है।