शुक्रवार शाम लगभग पांच बजे बांकेगंज से सीतापुर ब्रांच कोलाबे होकर गांव असौआ जाने वाली रोड किनारे रामलाल के गन्ने के खेत में दो शिकारी कुत्ते पहुंच गए। इस दौरान वहां पहले से छिपे बैठे तेंदुए ने दोनों कुत्तों पर हमला बोल उन्हें अपना निवाला बना लिया। सरेशाम गन्ने के खेत से कुत्तों की आवाज सुनकर किसी अनहोनी की आशंका के चलते दहशत में आए राहगीर अपनी जान बचाकर वहां से भाग खड़े हुए। शनिवार सवेरे ग्रामीण हल्ला मचाते हुए गन्ने के खेत में पहुंचे, जहां उन्हें दो कुत्तों के अधखाए शव पड़े दिखाई दिए। तेंदुए के आतंक से दहशतजदा ग्रामीणों पूर्व प्रधान राकेश कुमार, किशोरी लाल, रामलाल आदि ने बताया कि तेंदुआ शिकार की तलाश में अंधेरा होते ही गन्ने खेत से निकलकर गांव के किनारे लोगों के घरों किनारे छिप कर बैठ जाता है। मौका पाते ही वह पालतू पशुओं और गांव के कुत्तों पर हमला कर उन्हें शिकार बनाता है। इससे ग्रामीण रात भर सो नहीं पाते हैं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन कर्मियों को दी है।