धौरहरा क्षेत्र के 13 साल पुराने दहेज हत्या के मुकदमे में सबूत पेश करने में शिथिलता बरतने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। एडीजे हाजी अशरफ अंसारी ने धौरहरा कोतवाल पर पांच सौ रुपये का जुर्माना ठोका है। साथ ही उनके खिलाफ एसपी को पत्र लिख कर उन्हें थानेदार पद से हटाने का निर्देश दिया है।
बताते चलें कि एडीजे हाजी अशरफ अंसारी की अदालत में धौरहरा थाना क्षेत्र के जगजीवन आदि के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा चल रहा है। पुराना मामला होने के बावजूद तत्कालीन सीओ दरबारी सिंह और नायब तहसीलदार चेतराम की गवाही नहीं पेश हो सकी। इस बीच आरोपियों की अर्जी पर हाईकोर्ट ने शीघ्र सुनवाई के लिए आदेशित किया है। एडीजे हाजी अशरफ अंसारी ने 13 जनवरी को पैरोकार और एसओ धौरहरा को नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने जवाब-तलब कर पुराना मामला होने की बात कहते हुए अब तक गवाही न पेश होने पर नाराजगी जाहिर की थी साथ ही शिथिलता बरतने पर जवाब-तलब किया था। बृहस्पतिवार को भी साक्षी नहीं पेश हुए साथ ही अदालती नोटिस के साथ रिटायर्ड सीओ दरबारी सिंह को पेश करने के लिए जारी की गई नोटिस के पीछे लिखी गई तामीला संबंधी आख्या पर सफेद इंक लगी पाई गई। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए एसओ धौरहरा पर पांच सौ रुपए का जुर्माना ठोका है। साथ ही पुलिस अधीक्षक को आदेश की नकल भेजते हुए उन्हें थानेदारी से हटाने के लिए निर्देशित किया है। कोर्ट ने कोषाधिकारी को पत्र लिखकर जुर्माने की रकम उनके वेतन से कटौती करने के लिए आदेशित किया है।