चुनाव परिणामों के घोषित होने के बाद से नवनिर्वाचित प्रधान और हारे हुए प्रत्याशियों के बीच पड़ी रार के चलते हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं। इसी कड़ी में थाना खीरी के गांव मोहद्दीपुर में नवनिर्वाचित प्रधान और उनके समर्थकों पर विपक्षियों ने हमला बोल दिया। इसमें लाठी-डंडों से एक-दूसरे की पिटाई हुई। झगड़े के दौरान फायरिंग किए जाने का भी आरोप है। थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच किसी तरह मामला शांत कराया। घायलों का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ ही पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से एनसीआर दर्ज कर ली है।
नकहा ब्लाक की ग्राम पंचायत अंबरसोत से प्रधान पद पर प्रदीप कुमार वर्मा निवासी देवरिया निर्वाचित हुए, जबकि इसी सीट पर प्रमोद वर्मा को हार का सामना करना पड़ा है। सोमवार की देरशाम मोहद्दीपुर निवासी सरोज वर्मा के पुत्र विशाल की जन्मदिन पार्टी में शामिल होने के लिए प्रधान प्रदीप वर्मा अपने साथी राजीव वर्मा, राहुल, रामकुमार गिरि के साथ जा रहे थे।
आरोप है कि जैसे ही वह लोग पप्पू वर्मा के घर के सामने पहुंचे वहां पहले से मौजूद घनश्याम, पिंटू, प्रदीप वर्मा आदि ने नवनिर्वाचित प्रधान को रोक लिया और फायरिंग कर दी। इसके बाद प्रधान और उनके साथी जान बचाकर भागे और मामले की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह सभी को बचाकर बाहर निकाला। इसके बाद आरोपियों ने उनके समर्थक पप्पू वर्मा के घर पर पथराव कर दिया। कई घंटों तक चले इस बवाल से गांव में दहशत फैल गई। इस घटना में प्रधान पक्ष के लालू, पप्पू वर्मा, सरोज वर्मा, राजकिशोर और पवन वर्मा घायल हो गए।
रविवार को भी घेरकर समर्थकों को पीटा
प्रधान प्रदीप वर्मा ने मंगलवार को डीएम कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया है कि रविवार को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विपक्षियों ने झगड़े की पटकथा लिख दी थी। आरोपियों ने देरशाम साढ़े सात बजे उनके समर्थक लालू, पप्पू, सरोज, रामकिशोर, राजकिशोर को मोहद्दीपुर-देवरिया के बीच घेरकर पीटा गया था। इस मामले में पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन उस पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।