तहरीर लेने के बाद भी मौके पर नहीं गई
एसपी दफ्तर पहुंचकर महिला ने लगाई गुहार
महिलाओं की सुरक्षा और उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई को लेकर सरकार भले ही गंभीर हो, लेकिन धरातल पर इसका लाभ स्थानीय पुलिस की लापरवाही से पीड़ितों को नहीं मिल पा रहा है। गरीब परिवार की 10 साल की बेटी को उसके मोहल्ले के ही दो शोहदे परेशान कर रहे थे। उसने सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस 24 घंटे बाद भी मौके पर नहीं पहुंची। पीड़िता अपनी महिला के साथ एसपी दफ्तर पहुंची और वहां मौजूद महिला एसओ को दुखड़ा सुनाया। महिला एसओ ने उसे कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
एसपी दफ्तर पर पहुंची शहर निवासी एक महिला ने बताया कि उनके पति की चार साल पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसके 10 साल की एक बेटी, दो छोटे पुत्र हैं। वह शहर में ही एक बेकरी पर मजदूरी कर परिवार का बच्चों का पेट पालती है। पुत्री प्राथमिक स्कूल में कक्षा पांच की छात्रा है। मोहल्ले के ही कुछ लोग उसकी पुत्री को परेशान करते हैं। 20 दिसंबर को वह बैंक पैसा लेने के लिए गईं थी। दोपहर में पुत्री ने दूसरे के मोबाइल से छेड़छाड़ करने की जानकारी दी। वह बिना पैसा निकाले जब तक घर वापस पहुंचती, इससे पहले आरोपी जा चुके थे। उन्होंने सदर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, पुलिस ने तहरीर ले ली, लेकिन कोई पुलिस वाला उसके घर नहीं पहुंचा। उन्होंने संकटा देवी चौकी पुलिस पर धमकाने का आरोप लगाया है। डीएम के साथ बैठक होने के कारण महिला को एसपी नहीं मिले। एसपी दफ्तर पर मौजूद महिला थाना एसओ कमर सुल्ताना ने पीड़िता की बात सुनी और जांच शिकायत प्रकोष्ठ में तहरीर दिलवाई। सदर कोतवाल दीपक शुक्ल ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। यदि तहरीर आई होगी तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।