पांच जून को थाना क्षेत्र के गांव मनमदपुर निवासी दूधिया रामनिवास के अपहरण
मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है, जिसमें पुलिस ने दो आरोपियों को
गिरफ्तार किया है। जबकि अपहरण कांड का मास्टरमांइड अभी पुलिस की पकड़ से
दूर है। इस अपहरण कांड का दुधवा टाइगर रिजर्व जोन में लगे सीसीटीवी कैमरे
में कैैद हुई वीडियो फुटेज और सर्विलांस की मदद से खुलासा हुआ है।
बता
दें कि मनमदपुर निवासी दूधिया रामनिवास को बाइक सवार बदमाशों ने पांच जून
को अपहृत कर लिया था, तब वह दूध लेकर बेलरायां जा रहा था। इसके बाद
अपहृर्ताओं ने रामनिवास के बड़े भाई चंद्रिका को फोन कर दस लाख की फिरौती
मांगी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की थी। इस दौरान
एसपी अरविंद सेन ने घटनास्थल का मौका मुआयना कर जल्द खुलासे की रणनीति बनाई
थी। लिहाजा पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए अपहृताओं ने रामनिवास को 15
जून को छोड़ दिया था। 10 दिनों तक अपहृताओं के चंगुल में रहने के बाद लौटे
रामनिवास ने पुलिस को बताया कि बेलरायां-शीतलापुर के जंगल में उसे बंधक
बनाकर रखा गया था। इसके बाद एसओ जेपी यादव ने घटना का खुलासा करने के लिए
जंगल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली तो अहम सुराग हाथ लग गए। इसके
बाद सर्विलांस की मदद से सिलसिलेवार कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस
अपहृर्ताओं की पहचान करने में कामयाब हो गई।
एसपी अरविंद सेन ने
पत्रकारों को बताया कि क्राइम ब्रांच की मदद से पुलिस ने घटना में प्रयोग
की गई बाइक की पहचान की, जो थाना तिकुनिया के गांव भुल्लनपुर निवासी राजेश
वर्मा की निकली। इस वारदात को शातिर अपराधी सिंगहा निवासी प्रेमपति के साथ
मिलकर अंजाम दिया गया, जिसमें बघौड़िया निवासी भजन सिंह, फुट्टा फार्म
निवासी जोगेंदर सिंह सहित अन्य दो व्यक्ति शामिल थे। एसपी ने बताया कि
अभियुक्तों ने अपहृत रामनिवास के मोबाइल में सिम डालकर बातचीत की थी, जिससे
अभियुक्तों को ट्रेस करने में मदद मिली। बुधवार को पुलिस टीम ने अभियुक्त
राजेश वर्मा और भजन सिंह को कालेशरण तिराहे से गिरफ्तार कर चालान भेज दिया।