जिला कारागार में पिछले 22 दिन से दहेज हत्या में निरुद्ध मितौली थाना क्षेत्र के गांव कोड़हरा का रहने वाला बंदी शिवसिंह यादव लखनऊ के केजीएमसी में इलाज के दौरान सिपाहियों को चकमा देकर फरार हो गया। बंदी के फरार होने से पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। इधर एसपी अरविंद सेन ने बताया मामले की रिपोर्ट लखनऊ में दर्ज होने के बाद अभिरक्षा में भेजे गए दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही बंदी की तलाश की जा रही है।
जेल अधीक्षक एचआर दोहरे के मुताबिक शिवसिंह को मितौली पुलिस ने 20 दिसंबर 2014 को दहेज हत्या के मामले में कारागार में दाखिल कराया था। नौ जनवरी को शिव सिंह के शरीर के दाहिने हिस्से में लकवा मारने की शिकायत पर जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया तो पुलिस लाइंस में तैनात सिपाहियों भोला मौर्या और सुधीर कुमार की अभिरक्षा में उसे लखनऊ ले जाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि केजीएमसी में भर्ती करने के बाद उसके शरीर का चेकअप कराया जा रहा था, इसी बीच वह सिपाहियों को चकमा देकर फरार हो गया। इधर इस बाबत पुलिस लाइंस के प्रतिसार निरीक्षक रामखिलावन ने बताया कि बंदी के फरार होने की रिपोर्ट लखनऊ के चौक थाने में दर्ज करा दी गई है।
शिवसिंह का कोई आपराधिक इतिहास नहीं
मितौली पुलिस के मुताबिक कोड़हरा गांव के शिव सिंह पर दहेज हत्या को छोड़कर अन्य किसी अपराध का कोई मुकदमा नहीं दर्ज है।
24 वर्षों में फरार 11 बंदियों को नहीं ढूंढ़ पाई पुलिस
- 10 सितंबर 1991 में मोहम्मदी शमी निवासी कृष्णनगर कॉलोनी सदर कोतवाली कारागार परिसर के बाहरी कमान से फरार हुआ
- पांच अक्तूबर 1993 को गोला गोकर्णनाथ के मोहल्ला अर्जुननगर निवासी गोविंद खीरी न्यायालय भाग निकला
- नौ अक्तूबर 1995 को धोखे निवासी मितौली थाना महोली जिला सीतापुर गैंगेस्टर कोर्ट लखनऊ से भाग निकला
- 11 मार्च 1997 को रामनरेश निवासी अल्लीपुर थाना हैदराबाद गैंगेस्टर कोर्ट से लौटते समय हरगांव रेलवे क्रासिंग से फरार हुआ, एक साल बाद मुठभेड़ में मारा गया
- 16 सितंबर 1997 को नत्थू निवासी रायपुर थाना नीमगांव कोर्ट परिसर से फरार हुआ
- 16 सितंबर 1997 को रामबहादुर निवासी पिपरिया थाना बरखेड़ा जिला पीलीभीत कोर्ट परिसर से भाग निकला
- 20 मई 2003 को भगवती निवासी नरैना बाबा थाना धौरहरा मेडिकल कालेज लखनऊ से भाग निकला
- चार जनवरी 2006 को दारा उर्फ चिलबिलौआ निवासी चतरैया थाना महोली जिला सीतापुर फरार हो गया
- 10 अगस्त 2013 को सचिन उर्फ डालू गुप्ता निवासी हाथीपुर सदर कोतवाली मेडिकल कॉलेज से इलाज कराकर वापस लौटते समय सीओ सिटी दफ्तर के पास से फरार हो गया
- 10 सितंबर 2013 को बग्गा सिंह निवासी मांझा थाना सिंगाही सिपाही को गोली मारकर कोर्ट परिसर से फरार हो गया
- 30 जुलाई 2014 को रविंद्र लोध निवासी ढखवा थाना गोला कारागार के मुख्य गेट से तमंचा लहराते हुए फरार हुआ
- 30 जुलाई 2014 को अजय तिवारी निवासी सिकारी चौरा थाना मल्लीपुर जिला श्रावस्ती कारागार के मुख्य गेट से तमंचा लहराकर भाग निकला