एक बार खुद कचहरी में पेशी के दौरान हिरासत से भागने के एक माह बाद ही सिपाही की हत्या कर एक और मुजरिम को छुड़ाने वाला 25 हजार का इनामी फरार कैदी सचिन गुप्ता उर्फ डालू चुधौरी गांव में शुक्रवार को कई घंटे चली मुठभेड़ में मारा गया। बकौल पुलिस, इस दौरान उसके साथ मौजूद दूसरा फरार कैदी बग्गा सिंह अपने दो अन्य साथियों के साथ फरार हो गया। डालू 10 अगस्त, 2013 को लखीमपुर खीरी सीओ आफिस के पीछे से उस समय फरार हो गया था, जब उसे जिला पुलिस लखनऊ में इलाज के बाद जिला जेल ला रही थी। मारे गए डालू पर हत्या, रंगदारी वसूलने, धमकी देने और कैदियों को पुलिस के कब्जे से छुड़ाने समेत 13 मुकदमे दर्ज हैं। परिवार वालों ने डालू की शिनाख्त कर ली है। देर शाम डॉक्टरों के पैनल ने उसके शव का पोस्टमार्टम किया।
पुलिस ने बताया कि चारों बदमाश लुधौरी गांव के पास गोविंदपुर फार्म में गोपाल सिंह के घर सुबह करीब छह बजे पहुंचे थे। इसकी जानकारी पर सुबह 7.10 बजे निघासन एसओ रामकुमार यादव पुलिस लेकर मौके पर पहुंच गए। डालू और बग्गा समेत चारों बदमाश एक कमरे में शराब पी रहे थे। पुलिस को देखते ही उन्होंने असलहे निकाल लिए और जैकेट, जूते और अन्य सामान छोड़कर पास के गन्ने के खेत में घुस गए। पुलिस टीम ने पीछा किया तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान बदमाशों को घेरने की जानकारी एसओ सिंगाही जेपी यादव, तिकुनियां प्रभारी भानु प्रताप सिंह, पलिया इंस्पेक्टर केपी सिंह और क्राइम ब्रांच को देकर उनसे मौके पर पहुंचने को कहा गया।
कुछ समय बाद कई जगह की पुलिस फोर्स के अलावा एसपी अरविंद सेन, एएसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह, सीओ मो. इब्राहिम, एसडीएम पीके सिंह भी वहां पहुंच गए। तब तक बग्गा सिंह पुलिस की घेराबंदी तोड़ कर बिहारीपुरवा की ओर निकल गया, जबकि डालू और उसके दो साथी गन्ने के खेतों में छिप गए। दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चलीं। इस दौरान दो बदमाश भाग निकले जबकि पैरों में कई जगह गोली लगने से डालू खेत में ही गिर गया।
पुलिस ने डालू को 12.35 बजे जीप से निघासन सीएचसी भेजा, जहां से उसे जिला अस्पताल लाया गया। दोपहर बाद 3.40 बजे जिला में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
एसपी अरविंद सेन ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान मारे गए बदमाश की शिनाख्त इनामी सचिन गुप्ता उर्फ डालू के रूप में हुई है। भाग निकलने वाले तीन बदमाशों की तलाश में पुलिस टीमें कांबिंग कर रहीं हैं। इनामी बदमाश को मार गिराने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।
सभी केंद्रों के ध्यानार्थ
जेल से पहले डालू भागा था, फिर बग्गा
लखीमपुर खीरी। वर्ष 2006 में शहर के मेला मैदान निवासी श्यामू वर्मा की गोली मारकर हत्या के आरोपी सचिन उर्फ डालू गुप्ता को वर्ष 2011 में आजीवन कारावास की सजा हुई थी, अगस्त 2013 में उसे इलाज के लिए लखनऊ के मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां से 10 अगस्त, 2013 की रात करीब11:30 बजे लौटते समय वह पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला। फिर एक महीने बाद 10 सितंबर, 2013 को कचहरी में धावा बोलकर न सिर्फ बरेली निवासी सिपाही विक्रम प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी, बल्कि साथी कैदी बग्गा सिंह और उसके दोस्त मोहम्मद को छुड़ा ले गया था। बग्गा सिंह को फरवरी 2013 में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। हालांकि कुछ दिन बाद कोतवाली पुलिस ने शहर के रेलवे स्टेशन के पास से मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया लेकिन डालू-बग्गा नहीं पकड़े गए। बाद में दोनों व्यापारियों से रंगदारी वसूलने लगे। शुक्र वार को डालू के मारे जाने की खबर सुनकर व्यापारी उसकी मौत से खुश हुए तो बग्गा की फरारी से उनके चेहरों पर दहशत झलक रही थी।
डालू का आपराधिक इतिहास
- वर्ष 2006 में मेला मैदान निवासी श्यामू वर्मा की हत्या की
- वर्ष 2005 में रंगदारी वसूलने और धमकी देने पर मुकदमा
- 10 अगस्त वर्ष 2013 में पुलिस कस्टडी से फरार हुआ
- 10 सितंबर 2013 को सिपाही की हत्या और कैदी को छुड़ाने में नामजद
- वर्ष 2014 में धमकी देकर रंगदारी मांगने और धमकी देने पर नौ मुकदमे
जियतउ मा रोवाएउ....औ मरन पर भी
लखीमपुर। डालू के मारे जाने की सूचना पर जिला अस्पताल पहुंचे परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल था। डालू की मां मीना देवी चीख-चीखकर एक ही बात कहकर रो रही थी कि जियतउ मा रोवाएउ...और मर पर भी। शुक्रवार को निघासन क्षेत्र में मुठभेड़ में गोली लगने के बाद घायल अवस्था में निघासन सीएचसी से डालू को जिला अस्पताल लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान कई घंटे तक पुलिस बदमाश का शिनाख्त कराती रही। देर शाम पुलिस उसके पिता पवन गुप्ता, मां मीना देवी, चाचा सन्नूलाल, अन्नूलाल, रतीराम समेत अन्य परिवारीजनों को लेकर शिनाख्त कराने के लिए जिला अस्पताल लाई थी।
मदद करने पर मां-बाप समेत 16 हुए थे पाबंद
पुलिस की गिरफ्त से भागने के बाद कैदी डालू गुप्ता एक महीने तक फरार रहा। कचहरी में सिपाही की हत्या की घटना के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की तो कई मददगारों के चेहरे सामने आए। इनमें मां-बाप, मामा-मामी समेत 16 लोगों के नाम शामिल थे। सदर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कुंवर प्रभात सिंह ने डालू के मददगारों पर शिकंजा कसते हुए सभी पर मुकदमा दर्ज किया और उनका चालान भेजा गया था।
खौफ से कई व्यापारियों को दी गई पुलिस सुरक्षा
लखीमपुर खीरी। डालू-बग्गा की फरारी के बाद से ही शहर के व्यापारियों के पास रंगदारी के लिए फोन घनघनाने शुरू हो गए थे। व्यापारियों के मुताबिक उन्हें फोन करने वाले खुद को डालू-बग्गा ही बताते थे। पुलिस ने इनके कहने के मुताबिक ही डालू-बग्गा पर रंगदारी मांगने और धमकी के लिए धमकी देने और उनसे रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने कई व्यापारियों को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई।
जिन व्यापारियों को डालू गुप्ता ने फोन कर रंगदारी मांगी, उनमें भटनागर कॉलोनी निवासी गोपाल अग्रवाल, निघासन रोड के मशीनरी व्यापारी शैलेंद्र बत्रा, मनु मशीनरी स्टोर के मालिक रमन गोयल, रानीगंत बाजार निवासी प्रापर्टी डीलर गौरव गुप्ता समेत एक दर्जन व्यापारी शामिल हैं। इनमें आधा दर्जन व्यापारियों को अभी भी पुलिस की सुरक्षा मिली हुई है।
डालू के मारे जाने पर पुलिस को बधाई
जिला उद्योग व्यापार मंडल समेत कई संगठनों के व्यापारियों ने डालू गुप्ता के मारे जाने पर पुलिस को बधाई दी है। व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) के जिलाध्यक्ष राकेश मिश्रा ने कहा कि डालू के मारे जाने के बाद व्यापारियों को काफी हद तक राहत मिली है। वहीं नगर महामंत्री उमेश शुक्ला ने इसे पुलिस की बड़ी कामयाबी बताया। वहीं व्यापार मंडल (कंछल गुट) नगर अध्यक्ष श्याम कुमार तिवारी मामा ने कहा कि यह पुलिस का सराहनीय कार्य है। उम्मीद है कि मुठभेड़ के दौरान फरार हुए कैदी बग्गा सिंह और उसके साथियों का भी जल्द सफाया होगा।
दो साल पहले मुठभेड़ में ढेर हुआ था सुमित सिंह टांडा
अक्तूबर, 2012 में संकटा देवी में तैनात सिपाही उमेश की गोली मारकर हत्या करने के तुरंत बाद तत्कालीन सीओ सिटी अखिलेश नारायण सिंह, इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह राणा समेत तमाम पुलिस फोर्स ने पूर्वांचल के शातिर अपराधी और माफिया सुमित सिंह टांडा को रेलवे स्टेशन के पास रात में घेर कर उसे मार गिराया था। टांडा ने खीरी जेल में रहते हुए वर्ष 2011 में शहर के नवजीवन नर्सिंग होम पर बम फिंकवाया था। जेल से छूटने के छह माह बाद चार साथियों के साथ नर्सिंग होम पर धावा बोलकर डॉ.आरके गुप्ता से रंगदारी मांगी थी। पुलिस के मुताबिक टांडा पर गोरखपुर, बस्ती, बहराइच समेत कई जिलों में हत्या, लूट, रंगदारी मांगने आदि के करीब एक दर्जन मुकदमें दर्ज थे।
मजिस्ट्रेट ने भरा पंचनामा, पैनल से हुआ पोस्टमार्टम
लखीमपुर खीरी। निघासन क्षेत्र के गोविंदपुर फार्म के पास गन्ने के खेत में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए फरार कैदी सचिन उर्फ डालू गुप्ता के शव का पंचनामा सदर एसडीएम/मजिस्ट्रेट राकेश पटेल ने भरा। एएसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि पंचनामे के बाद डालू के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया गया। सीएमएस डॉक्टर आरके वर्मा ने बताया कि इस पैनल में डॉक्टर सुजीत कुमार, डाक्टर अजय कुमार और डॉक्टर राजीव राजपूत शामिल हैं।
25 हजार का ईनामिया था सचिन उर्फ डालू गुप्ता
पुलिस कस्टडी से फरार होने के बाद सचिन उर्फ डालू गुप्ता पर ढाई हजार का इनाम घोषित हुआ। कचहरी में सिपाही विक्रम प्रताप सिंह की हत्या और कैदी बग्गा सिंह को छुड़ाने के बाद उस पर 10 हजार का ईनाम घोषित हुआ। रंगदारी के लिए व्यापारियों को धमकी देने के बाद आईजी लखनऊ जोन ने दोनों कैदियों डालू गुप्ता और बग्गा सिंह पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। दोनों कैदियों को पकड़ने के लिए एसटीएफ को भी लगाया गया।
मेला-मैदान में फैला था डालू का नेटवर्क
अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले डालू गुप्ता मेला-मैदान स्थित अपने एक रिश्तेदार के मकान में रहता था। बचपन से वहां रहने के कारण मेला-मैदान में उसके कई मित्र बन गए थे। पुलिस कस्टडी से फरार होने और सिपाही की हत्या कर कैदी बग्गा सिंह को छुड़ा ले जाने के बाद डालू गुप्ता रंगदारी वसूलने के लिए कई व्यापारियों को फोन करने लगा। डालू के इस कृत्य में मेला-मैदान के उसके कई दोस्त साथ देने लगे। पुलिस ने तिकुनियां और लखीमपुर शहर में रहने वाले उसके तमाम साथियों पर मुकदमा दर्ज कर उनका चालान किया। श्यामू वर्मा हत्याकांड के बाद पेरोल पर छूटने के बाद कई बार डालू और उसके दोस्तों की महफिल मेला-मैदान में स्थित एक सिनेमा हाल की ऊपरी मंजिल पर लगती थी।
संपत्ति से बेखदल कर दिया पिता ने
डालू की फरारी के बाद बार-बार पुलिस की दबिश से आजिज आकर पिता पवन गुप्ता ने डालू को अपनी पैतृक संपत्ति से बेदखल कर दिया था।
सांसद ने 11 हजार ईनाम देने की घोषणा की
मुठभेड़ की खबर पाकर सांसद अजय मिश्र टेनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने निघासन एसओ रामकुमार यादव समेत पुलिस टीम की सराहना करते हुए 11 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।