स्वास्थ्य विभाग के लिपिक महेंद्र शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई ने जांच-पड़ताल तेज कर दी है। बुधवार को पसगवां सीएचसी के पांच कर्मचारियों को लखीमपुर स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस बुलाकर सीबीआई टीम ने उनके बयान दर्र्ज किए। जबकि पंचनामा पर दस्तखत करने वाले ग्राम प्रधान समेत अन्य लोगों को बयान दर्ज करने के लिए गुरुवार को बुलाया गया है।
बता दें कि पसगवां सीएचसी पर तैनात स्वास्थ्य विभाग के लिपिक महेंद्र शर्मा का शव उनके सरकारी आवास से 15 फरवरी 2012 को बरामद हुआ था। इस मामले में उनकी पत्नी मिथिलेश शर्मा ने तत्कालीन सीएमओ डॉ. जेपी भार्गव समेत छह लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मिथिलेश शर्मा की मांग पर सरकार ने जांच सीबीआई के सुपुर्द की थी। जनवरी में मुकदमा दर्ज करने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच के साथ साक्ष्य संकलन के प्रयास तेज कर दिए। गुरुवार को सीबीआई निरीक्षक पीके श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने पांच कर्मचारियों से पूछताछ की, जिसमें नेत्र सहायक सुरेंद्र कुमार, एमपीडब्ल्यू एचएन त्रिवेदी और पीयूष त्रिपाठी, स्वीपर रामू शामिल हैं। सूत्र बताते हैं कि गुरुवार को टीम ने पंचनामे पर दस्तखत करने वाले ग्राम प्रधान बाबूराम, शिवसागर समेत अन्य लोगों को बयान दर्ज कराने के लिए लखीमपुर बुलाया है।