- वार्ड आया विंदेश्वरी देवी हत्याकांड
- फूफा और लेखपाल के साथ मिलकर बनाई थी योजना
- लेखपाल ने सुपारी किलर से कराई थी मुलाकात
सीएमओ दफ्तर के पास सरकारी आवास में हुए वार्ड आया विंदेश्वरी देवी हत्याकांड का एसपी अखिलेश चौरसिया ने सोमवार को खुलासा कर दिया। विंदेश्वरी की हत्या उसकी नाबालिग पुत्री ने अपने फूफा और सदर तहसील में तैनात एक लेखपाल की मदद से ढाई लाख रुपये की सुपारी देकर सीतापुर जिले की सदर कोतवाली के मोहल्ला सिविल लाइंस निवासी सुपारी किलर 61 साल के महादेव प्रसाद से कराई थी। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
एसपी अखिलेश चौरसिया ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि वार्ड आया विंदेश्वरी देवी के संबंध जिला अस्पताल में तैनात सफाई कर्मी राधे से थे। विंदेश्वरी की इकलौती 16 साल की पुत्री इसका विरोध करती थी। जिस पर विंदेश्वरी उसे मारती-पीटती थी। सर्विस बुक से नामिनी में से नाम निकालने की धमकी देती थी। विंदेश्वरी के पति की मौत के बाद जो पैसा मिला था, उसे विंदेश्वरी ने अपने भाई और भतीजों पर खर्च कर दिया। इसलिए पुत्री ने इससे छुटकारा पाने और नौकरी पाने के लालच में मां की हत्या कराने की योजना बनाई। उसने अपने फूफा मोहल्ला अजुर्नपुरवा निवासी कालिका प्रसाद उर्फ बादल से बताया। कालिका प्रसाद का लखीमपुर सदर तहसील में तैनात सीतापुर सदर कोतवाली के मोहल्ला मुंशीगंज निवासी लेखपाल मुन्नालाल के घर आना जाना था। लेखपाल मोहल्ला काशीनगर में किराए के मकान में रहता है। मुन्नालाल ने लेखपाल से सुपारी किलर खोजवाने में मदद मांगी। लेखपाल ने सुपारी किलर महादेव प्रसाद को बुलाकर मुलाकात कराई और ढाई लाख रुपये में सौदा तय कराया। सौदा तय होने के बाद फूफा कालिका प्रसाद उर्फ बादल ने विंदेश्वरी से ही एक लाख रुपये उधार लेकर 91 हजार रुपये उसकी पुत्री को दे दिए। योजना के तहत 30 जून की रात महादेव प्रसाद ने सायं करीब आठ बजे लखीमपुर पहुंच जाने की जानकारी विंदेश्वरी की पुत्री को दी। इसके बाद उसने महिला अस्पताल के पास चाय पी। रात करीब 10.30 बजे विंदेश्वरी की पुत्री को फोन कर जब वह आवास के पास पहुंचा तो सड़क पर खड़ी मिली। उसकी पुत्री के साथ वह उसके घर चला गया। जहां उसने विंदेश्वरी को दबोच लिया। लड़की अपनी मां के दोनों पैर पकड़कर दबोचे रही और महादेव ने मुंह पर तकिया रखकर विंदेश्वरी की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद लड़की ने 91 हजार रुपये, दो चादर और एक मोबाइल महादेव को दे दिया। पुलिस ने चारों आरोपियों को चालान कर दिया है। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी, सीओ सिटी एमपी सिंह मौजूद रहे।
पुलिस टीम को पुरस्कृत करेंगे एसपी
विंदेश्वरी देवी हत्याकांड के खुलासे में लगी टीम को एसपी अखिलेश चौरसिया ने बधाई दी और पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। टीम में इंस्पेक्टर रामजी चौधरी, एसएसआई जयप्रकाश यादव, एसआई सुनील कुमार सिंह, सिपाही विजय शर्मा, अजेंद्र यादव, अफरोज खां, रमाकांत प्रसाद, महिला होमगार्ड जूली आरिफी शामिल रहीं।
कॉल डिटेल से सुपारी किलर तक पहुंची पुलिस
एसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि पुलिस ने जब मृतका की पुत्री के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकाली और उसमें मिले नंबरों के आधार पर जब लास्ट के पांच नंबरों की पड़ताल की तो उसमें आखिरी कॉल सुपारी किलर महादेव प्रसाद की निकली। पुलिस ने जब उसे दबोचा और कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सच्चाई उगल दी। उन्होंने बताया कि सुपारी किलर दो बार हत्या के मामले में जेल जा चुका है।