लखीमपुर खीरी से बरेली तक पशु तस्करों का जाल फैला हुआ है। बरेली में दरोगा मनोज मिश्र की हत्या के बाद यदि पशु तस्करों के अड्डों का भंडाफोड़ होता या फिर कोई अभियान चलता तो महसूस होता कि अपने जांबाज दरोगा को खोने के बाद यहां की पुलिस में कुछ संजीदगी आई है या खून खौला है, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, जिसका मलाल शहीद बेटे के पिता श्याम मुरारी को भी है। उन्होंने शनिवार को एसपी से एक बार फिर इंसाफ की गुहार लगाई।
तस्करी के मुख्य अड्डे
खीरी टाउन, गोला का भुड़वारा, निघासन का पठाननपुरवा, धौरहरा का रामनगर लहबड़ी, बेहननपुरवा, महाराजनगर, सिसैया पशु तस्करी के प्रमुख अड्डे बन चुके हैं, लेकिन इस ओर पुलिस का ध्यान नहीं जाता। पुलिस इन अड्डों पर तभी छापा मारती है, जबकि कहीं से कोई उसे निर्देश मिलता है। इन सभी स्थानों से हर रोज सैकड़ों पशुओं की सप्लाई बरेली के रिछा और रामपुर के लिए की जाती है। यहां के सभी पशु बाजारों से बेधड़क पशुओं को ट्रकों में लादा जाता है, जिसकी जानकारी जिले के पशुपालन विभाग से लेकर पुलिस और प्रशासन तक को होती है।
इन रास्तों से जे जाते हैं पशु
धौरहरा इलाके से सिसैया चौराहा होते हुए जिला मुख्यालय क्रॉस कर गोला, खुटार होकर पशु बरेली पहुंचाए जाते हैं। इसी तरह निघासन के पशु पलिया होते हुए खुटार होकर बरेली जाते हैं, जबकि गोला के भुड़वारा से खुटार होकर अथवा मोहम्मदी होते हुए शाहजहांपुर होकर पशु बरेली पहुंचा दिए जाते हैं। पशु रात को नौ और 10 बजे निकाले जाते हैं। सूत्र बताते हैं कि ठूंसकर मवेशी भरे ट्रकों के आगे आगे सत्तापक्ष की झंडा लगी कार चलती है, जो नजर रखती है। कई बार फंसते देख पशु तस्कर ट्रक छोड़कर इन्हीं वाहनों से भाग निकलते हैं। यही वजह है कि तमाम बार ट्रक से पशु तो बरामद हो जाते हैं, लेकिन तस्कर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाते।
सपा जिलाध्यक्ष को भी लगता है पशु तस्करी में सफेदपोशों का हाथ
सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल कहते हैं कि जिले में उनके सामने किसी ऐसे नेता का नाम नहीं है जो पशु तस्करी में शामिल हो, लेकिन जब भी पशु पकड़े जाते हैं तो ऐसा लगता है कि कहीं न कहीं किसी नेता का हाथ इस कारोबार में जरूर है। वह कहते हैं कि पशु तस्करी का काम कराने से ज्यादा घृणित कार्य दूसरा नहीं हो सकता। यह अत्यंत निंदनीय है। इसमें शामिल चाहे जो भी हो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
एसपी अरविन्द सेन ने बताया कि जिले में पशुओं की बरामदगी से तस्करी के मामले सामने आए हैं, इस संबंध में सभी एसओ को निर्देश दिए गए हैं कि सूचना मिलते ही पशु तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करें।