खत के माध्यम से केेस में सुलह समझौते का बनाया दबाव
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज की रिपोर्ट
खैरीगढ़ गांव से अगवा हुई तीन बहनों के पिता को एक धमकी भरा खत मिला है, जिसमें पुलिस केस वापस लेकर सुलह की बात कही गई है। खत मिलने से परिवार में दहशत है। सिंगाही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खत लिखने वाले आरोपी जब्बार के खिलाफ धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खैरीगढ़ गांव में 15 जनवरी 2016 की रात को कोल्हू व्यापारी रामबली गुप्ता की तीन बेटियों रोहिणी, उपमा और संतोषी को तीन बाइकों से आए आधा दर्जन बदमाशों ने अपहृत कर लिया था। तीनों बहनों को छोड़ने के लिए बदमाशों ने पहले 50 लाख रुपये फिरौती मांगी थी, जिसके बाद पांच लाख रुपये में बात तय हो गई थी। इसके बाद परिवार वाले अपहरणकर्ताओं को पांच लाख रुपये फिरौती की रकम देकर तीन दिन बाद तीनों लड़कियों को सकुशल घर वापस ले आए थे। इस मामले में पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने अपहरणकांड में शामिल अभियुक्त चरनजीत, राजकुमार, मीता समेत नौ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि इस मामले में फरार चल रहे कस्बा निवासी जब्बार पुलिस के हत्थे अब तक नहीं चढ़ सका है। रामबली गुप्ता ने पुलिस को बताया है कि मंगलवार को वह लखीमपुर गए थे। घर में डाकिया खत देकर चला गया। जब वह घर लौटे तो उन्होंने पत्र को पढ़ा। पत्र में लिखा है कि मुकदमा वापस ले लो। अपहरण करने तथा उसकी साजिश रचने वाले कटा गांव के लोग हैं। वह लोग सिंगहा निवासी कमलेश का अपहरण करना चाहते थे। उनके न मिलने पर वे लोग रामबली के यहां गए और तीनों बहनों का अपहरण कर लिया। खत में रामबली को धमकाते हुए लिखा है कि अपहरण के मुकदमे में सुलह कर लो, वरना सिंगाही में बने मकान को छोड़ना पड़ेगा। धमकी भरा पत्र लिखने वाले ने अपना नाम जब्बार लिखा है। यह पत्र पढ़कर परिवार वाले दहशत में हैं। रामबली अपने साले राजू गुप्ता के साथ थाने पहुंचे। वहां एसओ संजय यादव ने पत्र के आधार पर धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
एक माह पहले मुझे भी एक पत्र मिला था, जिसमें सीतापुर के आरोपियों का जिक्र था। जो आरोपी जेल गए हैं, उनको निर्दोष बताया गया था। पत्र के आधार पर अपहरणकांड के आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
-संजय यादव, एसओ