कैलाली जिला पुलिस ने बडे़ पैमाने पर नेपाली और भारतीय रुपयों की अदला-बदली करने वाले चार लोगों को पकड़ा है इसमें दो भारतीय भी शामिल हैं। पुलिस ने उनके पास लाखों रुपये की नेपाली और भारतीय मुद्रा बरामद की है।
कैलाली पुलिस अधीक्षक राजेंद्र विष्ट ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर जिला पुलिस टीम ने धनगढ़ी स्थित साल्ट्रैनिंग के नजदीक विजय लक्ष्मी के निवास पर छापा मारा। यहां नेपाली-भारतीय मुद्रा की अदला बदली करते हुए रमेश अग्रवाल, मदन अग्रवाल निवासी धनगढ़ी तथा पलिया निवासी अमन और नवल को मौके से पकड़ लिया है। पुलिस ने बताया कि रमेश अग्रवाल के पास से 25 लाख 17 हजार रुपये नेपाली और एक लाख 62 हजार 745 भारतीय मुद्रा बरामद हुई है। इसके आलावा पलिया के भारतीय व्यापारियों से चार लाख 84 हजार रुपये मिले हैं। पुलिस के मुताबिक रमेश अग्रवाल का साला मदन अग्रवाल है जो कि उसका पार्टनर है। बताया गया है कि पलिया के दोनों व्यापारी नेपाली रुपये बदलने गए थे। लोगों के मुताबिक विगत माह से नेपाली रुपयों की बदली 10 फीसदी तक पहुंच गई है।
नेपाली मुद्रा लेना बंद कर सकते हैं व्यापारी
नेपाल सीमा से सटे सीमावर्ती भारतीय बाजारों में नेपाली करेंसी धड़ल्ले से चलती चली आ रही है। गौरीफंटा, चंदनचौकी, संपूर्णानगर, खजुरिया, तिकोनिया, रूपैडिहा, बनवसा इत्यादि लगभग दो दर्जन से अधिक बाजारों और मंडियों में नेपाली मुद्रा का चलन है। इन मंडियों में नेपाली ग्राहक नेपाली करेंसी ही लेकर आता है और खरीदारी करता है। इन स्थानों पर वर्षों से नेपाली मुद्रा का चलन चला आ रहा है। व्यापारियों ने नेपाल में हुई इस कार्रवाई से नेपाली मुद्रा लेना बंद करने का मन बनाया है। अगर नेपाली मुद्रा लेना बंद हो गया तो नेपाली नागरिकों के लिए खासी मुसीबत खड़ी हो जाएगी। नेपाल राष्ट्र बैंक प्रति व्यक्ति को मात्र 25 सौ रुपये नागरिकता के आधार पर ही दे रही है। जहां भारतीय रुपये लेने वालों की लंबी लाइन लगती है।