इंडो-नेपाल बार्डर दूसरे दिन भी रही अफरातफरी
- फोटो : अमर उजाला
वार्ता को नहीं आए नेपाली अधिकारी, डीएम-एसपी लौटे
नहीं बदले हालात, अधिकारी भी रहे हलकान
इंडो-नेपाल बार्डर पर दूसरे दिन भी रुक-रुककर हुए पथराव और नेपालियों के उपद्रव से अफरातफरी मची रही। नेपाल से खराब होते माहौल को देख एसएसबी और पुलिस बढ़ा दी गई। वहीं एसएसबी के डीआईजी ने बार्डर पर पहुंचकर कमान संभाल ली। उधर खीरी के डीएम आकाशदीप और एसपी मनोज कुमार झा ने एसएसबी अधिकारियों की मौजूदगी में नेपाली अधिकारियों को वार्ता के लिए एनाउंस कर आमंत्रित किया, लेकिन वह नहीं आए। इस पर इंतजार के बाद डीएम एसपी लौट गए।
भारत नेपाल सीमा पर शुक्रवार को भी हालात गुरुवार जैसे ही रहे। सुबह होते ही नेपालियों का मजमा नोमेन्सलैंड पर जुटना शुरू हो गया और कुछ ही देर में वहां हजारों की भीड़ जमा हो गई। सुबह के नौ बजे होंगे फिर से नारेबाजी और पथराव शुरू कर दिया गया। भारतीय एसएसबी संयम बरतती रही और भारतीय नागरिकों को भी पीछे रहने को कहती रही। 10 से 11 बजे के बीच नेपाली फिर आक्रामक हुए और नोमेन्सलैंड होकर भारतीय सीमा तक आ पहुंचे। एसएसबी ने जैसे तैसे उनको पीछे धकेला। दो तीन घंटे फिर वही अफरातफरी का माहौल रहा और पथराव रुक रुक जारी रहा। इसको लेकर कई बार अफरातफरी मची रहीं। दोपहर में एसएसबी डीआईजी पहुंचे और गहमा-गहमी और अफरा तफरी के बीच अपने स्थानीय अधिकारियों से बातचीत की। इसके बाद भी उधर से हंगामा और नारेबाजी के साथ रुक रुक कर पथराव होता रहा। आनन फानन में उनको अस्पताल भेजा गया। उम्मीदें की जा रहीं थी कि शाम को बवाल खत्म हो जाएगा, लेकिन नेपाली डटे रहे। देरशाम करीब 5 बजे डीएम आकाशदीप भी पहुंच गए और डीआईजी समेत अन्य अधिकारियों व पुलिस से बातचीत की। माइक से एनाउंस किया गया कि नेपाली अधिकारी वार्ता करें लेकिन शाम साढ़े छह बजे तक कोई भी नहीं पहुंचा और माहौल जस का तस रहा। देरशाम एसएसबी के जवानों की तादाद यहां और बढ़ गई।