पुलिस ने कई मामलों में वांछित छह लोगों का चालान भेजने का दावा किया है।
आरोपियों के पास से चोरी की बाइक और एक तमंचा बरामद किया गया है।
एसओ
अनिल कुमार शाही ने बताया कि गांव ढखेरवा नानकार निवासी मुन्ना एक सप्ताह
पहले खेत में चारा काटने गया था। वहां से वह लापता हो गया। उसके परिवार
वालों ने फर्जी नाटक रचते हुए उसके फटे कपड़े और चप्पल बरामद करते हुए
अपहरण के बाद हत्या करने की रिपोर्ट टपरा निवासी पांच लोगों के खिलाफ दर्ज
कराई थी। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस की
सक्रियता से मुन्ना को पहाड़ियापुर से बरामद कर लिया गया। पकड़े गए मुन्ना
ने बताया कि उसने एक युवती के साथ दुराचार करने का प्रयास किया था। युवती
के परिवार वालों ने मारने के लिए भी दौड़ाया था। इस बात की भनक जब परिवार
वालों को लगी तो उन्होंने अपहरण की कहानी रचते हुए उसे अपनी रिश्तेदारी में
छिपा दिया था। पुलिस ने मुन्ना को दुराचार के प्रयास तथा उसके भाई
रामगोपाल को गलत रिपोर्ट दर्ज कराने के आरोप में चालान भेजा है। उधर गांव
गौरिया के तिराहे पर पुलिस ने ऑटोलिप्टर गैंग के सरगना गौरिया निवासी दीपक
मौर्या को गिरफ्तार किया। उसके पास से प्रेस लिखे चोरी के दो वाहन बरामद
किए गए हैं। दरोगा गोले ने बताया कि दीपक पर सदर कोतवाली लखीमपुर, निघासन,
तिकुनियां, लखनऊ के मड़ियावां आदि थाने में बाइक चुराने के अभियोग पंजीकृत
हैं। इसके अलावा वह लखीमपुर कोतवाली से गैंगेस्टर का भी वांछित था। इसी
प्रकार पठाननपुरवा निवासी आबिद को गिरफ्तार कर उसके पास से एक तमंचा, दो
जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
इसी क्रम में गांव बैरिया निवासी
अवधराम कई साल पहले एक व्यक्ति की हत्या करके फरार हो गया था। पुलिस से
बचने के लिए वह वेश बदलकर साधू बन गया। हाईकोर्ट से उसके नाम वारंट था, उसे
भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी में दरोगा श्रीराम सिंह, एमआर बेग, गोले समेत करीब आधा दर्जन सिपाही शामिल रहे।