इलाके में आई एक बारात में दूल्हा पक्ष की ओर से नकली जेवर लाने पर खूब हंगामा हुआ। इससे गुस्साए लोगों ने दूल्हे और उसके पिता समेत कई बारातियों को वहीं बैठा लिया। दोनों पक्षों में 24 घंटे बाद समझौता हो पाया।
कस्बे के मोहल्ला रजागंज निवासी वाहिद शाह ने पुत्री नसीम जहां का विवाह जिला बहराइच के गांव गोपिया मोतीपुर निवासी गोगे उर्फ लोहा शाह के पुत्र शहाबुददीन के साथ तय किया था। तय तारीख पर 14 जून को बारात आई। लड़की के पिता ने बारातियों की खूब खातिरदारी की। बारातियों को खाना खिलाने के बाद निकाह की रस्म अदा की गई और कलेवा की रस्म होने से पहले गर्मी होने के कारण लड़की को कमरे के बाहर बिठाया गया। लड़की उस समय दूल्हे के घर से आया हुआ जेवर पहने हुई थी। जेवर पर कुछ महिलाओं की नजर पड़ी तो जेवरों के नकली होने की सुगबुगाहट शुरू हो गई। जेवरों की जांच के लिए तुरंत सुनार को बुलाया गया। सुनार के सारा जेवर नकली बताते ही हंगामा शुरू हो गया। लड़की पक्ष के लोगों ने कई बरातियों और दूल्हे को वहीं बैठा लिया। रविवार की रात से लेकर सोमवार तक समझौते का प्रयास चलता रहा लेकिन बात नही बनी। पूर्व प्रधान लियाकत खां, नौगवां निवासी वहीद खां, राजेश मिश्रा और चौकी इंचार्ज संदीप यादव के काफी प्रयास के बाद लड़की के नाम चार बीघा जमीन कराने और दूल्हे की रजामंदी से यहीं रहने पर दोनों पक्षों में समझौता हुआ। पलिया तहसील में दोनों पक्षों में फैसले की लिखा-पढ़ी हुई। चौकी इंचार्ज ने बताया कि दोनों पक्षों में इस बात पर समझौता हुआ है कि लड़का, ससुराल में ही रहेगा और उसका पिता लड़के के हिस्से की जमीन उसकी पत्नी नसीम जहां के नाम कराएगा।