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नागमणि लेने मुंबई से आई महिला हुई ठगी की शिकार

Mon, 22 Feb 2016 11:33 PM IST
धौरहरा(लखीमपुर खीरी)।
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कथित नागमणि बेचने वालों के चक्कर में इस बार मुंबई की एक महिला फंस गई। जालसाजों ने उससे एक लाख 65 हजार रुपये और एक मोबाइल ठग लिया और रफूचक्कर हो गए। ठगी का अहसास होने के बाद कोतवाली पहुंची और अपनी शिकायत दर्ज कराई। धौरहरा पुलिस ने जालसाजों को दबोचने के लिए टीम लगाई, जिसे एक ठग को पकड़ने में सफलता मिली है। पुलिस उससे पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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मुंबई निवासी महिला मदीना और अजय ने सोमवार को धौरहरा कोतवाली पहुंचकर पुलिस को बताया कि मुंबई में उन्हें दो युवक मिले थे, जिन्होंने नागमणि दिलाने का झांसा दिया था। इसके बाद सब फोन पर तय हुआ और यह लोग मुंबई से चलकर धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के सिसैया चौराहा पहुंचे। वहां उसे रामचन्द्र नाम के व्यक्ति ने रिसीव किया और टेंगनहा गांव ले गए। वहां एक घर में मुंबई में मिले दोनों युवक मौजूद थे। उन लोगों ने कोई चमकीली चीज दिखाई और पिता की बीमारी की बात कहकर एक लाख 65 हजार रुपये और एक मोबाइल ले लिया। सौदा पांच लाख में तय हुआ था, इसलिए बाकी रकम मुंबई में ही देने और साथ ही वापस चलने की बात कह कर युवक कुछ दूर साथ आए। इसके बाद चकमा देकर फरार हो गए। हालांकि खुद को रामचंद्र बताने वाला युवक ने उनसे फोन पर बात करके अपने साथ ले जाकर नागमणि दिलाने की बात कहता रहा। इसके बाद पुलिस ने ठगों को पकड़ने के लिए एक टीम लगाई। वहीं, तहसील तिराहे पर मिलने की बात कहकर महिला के साथ सादी वर्दी में फोर्स लगा दी। कोतवाल के जाल में रामचंद्र बनकर बात कर रहा युवक फंस गया। उसे पुलिस ने बात करते समय ही उसके घर से दबोच लिया। तब खुलासा हुआ कि खुद को रामचंद्र बताने वाला असल में टेंगनहा निवासी उजबुल है। उसी के घर में निघासन थाना क्षेत्र के ग्राम सोठियाना के दो युवकों ने महिला से ठगी की थी। करीब दो घंटे पूछताछ में कोतवाल ने सोठियाना निवासी युवकों की पहचान भी कर ली। कोतवाल ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है।

लालच मे पूंजी भी गंवा बैठी मदीना
धौरहरा। मुंबई से धौरहरा पहुंची मदीना की बात माने तो उसके पति की कैंसर से मौत हो चुकी है और उसके तीन बच्चे हैं। पति की बीमारी के दौरान करीब 12 लाख का कर्ज चढ़ चुका है। महिला के मुताबिक एक कंपनी पुरातन चीजों को खरीदने बेचने का काम करती है। उसने एक कंपनी से नागमणी बेचने का सौदा 30 लाख रुपये में किया था। उसे लालच था कि बड़ी रकम हाथ आने पर वह कर्ज उतारने के साथ बच्चों के लिए भी कुछ कर पाएगी।
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