पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला पेशबंदी का
दो आरोपियों को पूछताछ के बाद छोड़ा
रात आठ बजे शौच को गई एक 17 वर्षीय किशोरी से उसी गांव के पूर्व प्रधान समेत चार लोगों पर गैंगरेप का आरोप है। मामले में पुलिस ने तीन नामजद और एक अन्य के खिलाफ गैंग रेप की रिपोर्ट दर्ज कर पीड़िता को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। उधर दो आरोपियों को पुलिस थाने लाई लेकिन पूछताछ के बाद प्रथम दृष्टया मामला रंजिश का बताते हुए उन्हें छोड़ दिया।
पीड़ित किशोरी की मां ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी पुत्री मंगलवार की रात आठ बजे शौच के लिए गई थी। तभी गांव के पूर्व प्रधान रमाकांत, प्यारे और प्यारे का पुत्र भोले और एक अन्य व्यक्ति (जिसे उसकी बेटी पहचान नही पाई) ने जबरन दबोच लिया और चारों ने उसके साथ दुराचार किया। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटने के बाद बेटी पड़ोस स्थित चक्की पर पहुंची, जहां लोगों को पूरी बात बताई। शोरशराबा होने पर वह भी मौके पर पहुंच गई और बेटी को लेकर आई। इस पर पुलिस ने पूर्व प्रधान समेत तीन को नामजद करते हुए एक अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। साथ ही बुधवार की तड़के पूर्व प्रधान रमाकांत और प्यारे को थाने ले आई और पूछताछ करने लगी। इसी बीच गांव के अनेक लोग थाने पहुंच गए और रंजिशन मामला दर्ज करने की बात कहने लगे। थाने में हंगामे की सूचना पर सीओ पलिया रवींद्र कुमार वर्मा और एसओ विपिन कुमार सिंह भी दलबल के साथ थाने पहुंचे। पुलिस ने जब दोनों पक्षों की बात तो सुनी तो मामला रंजिश का निकला। इस पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को यह कहते हुए छोड़ दिया कि बुलाने पर तत्काल थाने आएंगे।
किशोरी का मेडिकल परीक्षण हुआ, जांच को भेजी स्लाइड
सामूहिक रेप पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और कोर्ट में बयान के लिए पुलिस ने भेजा। देर शाम पीड़िता का मेडिकल हो गया। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ मीरा वर्मा ने बताया कि पीड़िता के मेडिकल के लिए स्लाइड भेजी जा रही है। एक दो दिन में जांच रिपोर्ट आ जाएगी। वहीं बुधवार को कोर्ट में बयान नहीं हो सके, जो वृहस्पतिवार को कराए जाएंगे।
पुलिस बोली, पेशबंदी में दर्ज कराया गया मुकदमा
संपूर्णानगर के प्रभारी एसओ महेश गंगवार का कहना है कि आठ जून 2016 को आरोपी की बेटी को सामूहिक रेप पीड़िता के पिता और एक महिला की मदद से उसका ममेरा भाई भगा ले गया था। पुलिस ने एक अक्तूबर 16 को लड़की को बरामद कर कोर्ट में बयान कराए थे, जिसके बाद रेप की बात सामने आई तो सीओ पलिया ने मामले की जांच शुरू की। मामले में वादी का पिता, ममेरा भाई और एक महिला आरोपी पाई गई और तीनों को क्रमश: 23 मार्च 17, 19 अप्रैल 17 और 18 अप्रैल 17 को जेल भेज दिया गया। उस मामले में 20 अप्रैल 17 को चार्जशीट लगा दी गई थी। तब से तीनों आरोपी जेल में है। इससे प्रतीत होता है कि उस घटना के वादी को पेशबंदी के तहत मामले में नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है और दोषी मिलने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।