मोहल्ला ऊंची भूड़ स्थित आवासीय मदरसा नूरी रिजवी दारूल उलूम का छात्र पड़ोस में ही मस्जिद में संदिग्ध हालात में बेहोशी मिला। उसके हाथ और पैरों में चोट के निशान मिले हैं। होश में आने पर छात्र ने मारपीट करने वाले किसी भी व्यक्ति को पहचानने से इनकार किया है। मदरसा स्टाफ और छात्रों में घटना से दहशत है।
मोहल्ला ऊंची भूड़ स्थित आवासीय मदरसे में 80 छात्र रुककर दीनी तालीम पा रहे हैं। इसी में गांव हैदराबाद निवासी जलीलुद्दीन के 15 वर्षीय पुत्र हसनुद्दीन दीनी तालीम लेता है। सोमवार की सुबह वह पड़ोस स्थित मस्जिद में बेहोशी की हालत में मिला। छात्र के बेहोश पड़े होने की सूचना पर भीड़ लग गई। इसी बीच वह होश में आया तो काफी डरा हुआ था। लोगों को उसने बताया कि रात में दो लोग उसे मदरसे से उठा लाए और पीटने लगे, फिर उसे कुछ याद नहीं है। छात्र के हाथ पैर में चोट के निशान मिले हैं। वह काफी भयभीत है। सूचना पर पहुंची पुलिस छात्र को पूछताछ के बाद उसे सीएचसी ले गई, जहां से प्राथमिक उपचार बाद उसे छुट्टी दे दी गई। उसने किसी को भी पहचानने से इनकार किया है। प्रधानाचार्य मौलाना आसिफ ने पुलिस को मामले की तहरीर देते हुए मदरसे की सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने घटना से सभी छात्रों के दहशत में होने की बात कही है।
इस संबंध में कोतवाल गोला एके उपाध्याय का कहना है कि अंदरूनी विवाद का मामला प्रतीत होता है। अंदरूनी मसले के कारण ही मदरसे के प्रबंधक मौलाना आशिकुल कादरी के 25 अगस्त को हज पर जाने के बाद घटना को अंजाम दिया गया। प्रबंधक के आने के बाद ही पूरी जानकारी हो सकेगी।
--
कहीं धमकी भरे पत्र को गंभीरता से न लेना तो नहीं है वजह
प्रधानाचार्य मौलाना आसिफ ने पुलिस को बताया कि दो दिन पहले मदरसा हटाने का एक पत्र मिला था, लेकिन उन्होंने इसे बच्चों की शरारत मानकर गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने संदेह जताया है कि यह कुछ लोगों की शरारत है, जो उनके अपने भी हो सकते हैं। वह उन्हें भयभीत कर मदरसा हटवाना चाहते हैं। उन्होंने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। प्रधानाचार्य के इस बयान से प्रतीत होता है कि धमकी भरे पत्र को गंभीरता से न लेना भी घटना की वजह हो सकता है।