वन विभाग ने हिरन के शिकार की कोशिश और जहरीली कीटनाशक दवा देकर सारस मारने के मामले में चार शिकारियों को पकड़ने का दावा किया है। इन सभी आरोपियों को वन विभाग ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बता दें कि गत 28 फरवरी को कुछ शिकारी मैलानी रेंज की खरेहटा बीट में हिरन का शिकार करने की नीयत से जंगल के बाहरी किनारे पर खाबड़ लगा रहे थे। इस दौरान शिकार की तलाश में झाड़ियाें में घात लगा कर बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया था। बाघ के हमले के बाद यह शिकारी वहां से अपनी जान बचाकर भाग खड़े हुए। घायल शिकारियों ने चोरी-छिपे प्राइवेट चिकित्सक के यहां अपना इलाज कराया। सुराग लगने पर वन विभाग ने छानबीन शुरू की तो हिरन के शिकार की कोशिश का मामला सामने आया।
पुष्टि होने पर डीएफओ साउथ नीरज कुमार के निर्देश पर रेंजर मैलानी डीएस यादव ने नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार की सुबह रेंज के गांव मक्कागंज और खरेहटा में छापा मारकर तीन शिकारियों रामस्वरूप, फेरूलाल और रामभजन को गिरफ्तार कर लिया।
उधर मैलानी रेंज के ही नरायनपुर गांव में 27 जनवरी को जहरीली कीटनाशक दवा फ्यूराडान देकर बड़ी संख्या में सारस मारने के आरोप में वन विभाग की टीम ने एक आरोपी महेंद्र को गिरफ्तार किया है। शिकारियों ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने छोटे पक्षियों का शिकार करने के लिए फ्यूराडान दवा डाली थी, इससे चिड़ियों के साथ ही कुछ सारस की भी मौत हो गई। उन्होंने बताया सारस की मौत के बाद पकड़े जाने के डर से उनके शव ठिकाने लगा दिए।
डीएफओ साउथ ने बताया कि गिरफ्तार किए गए चारों शिकारियों को मेडिकल परीक्षण कराने के बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत जेल भेज दिया गया है।