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फोरेंसिक एक्सपर्ट बताएंगे बैटरी था या बम

Mon, 11 Jul 2016 11:55 PM IST
टीएन अवस्थी-लखीमपुर खीरी।
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बम - फोटो : अमर उजाला
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धौरहरा में विस्फोट के दौरान दो लोगों की मौत का मामला
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विस्फोट की जांच के लिए लखनऊ से आएंगे केमिकल एक्सपर्ट 
फील्ड यूनिट प्रभारी ने एसपी को रिपोर्ट सौंप की जांच की संस्तुति 
धौरहरा कसबे में आतिशबाज मोहम्मद शफी के घर हुआ धमाका सवालों के घेरे में आ गया है। जिले के फील्ड यूनिट प्रभारी विमल श्रीवास्तव ने साफतौर पर कहा कि बैटरी के फटने से इतना तीव्र धमाका नहीं हो सकता। धमाके के पीछे अन्य वजहें हो सकती हैं। इसकी आशंका जताते हुए उन्होंने एसपी को हादसे की रिपोर्ट सौंपी है और लखनऊ या विधि विज्ञान प्रयोगशाला से केमिकल विशेषज्ञ बुलाकर फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए जाने का अनुरोध किया है।
मोहल्ला बाजार वार्ड में मोहम्मद शफी के घर सोमवार की तड़के हुआ धमाका इतना तेज था कि घर की छत उड़ गई। आधे से ज्यादा पक्का मकान भी भरभराकर ढह गया। आसपास के घरों की दीवारें दरक गईं। परिवार के लोग धमाके की वजह इंवर्टर से बूस्ट करने के दौरान बैटरी का फटना बता रहे हैं। हालांकि पुलिस भी बैटरी के फटने से ही धमाका होना मान रही है लेकिन धमाके की तीव्रता, घर से उठना वाला सफेद धुआं और आसपास के मकानों में पड़ी दरारों सहित कई परिस्थितिजन्य साक्ष्य धमाके को लेकर घर वालों के बयान को सवालों के घेरे में खड़ा कर रहे हैं। फील्ड यूनिट के प्रभारी फोरेंसिक एक्सपर्ट विमल श्रीवास्तव से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि बूस्ट होने के दौरान बैटरी फट सकती है। कुछ हद तक आग लगना भी संभव है लेकिन जिस तीव्रता के साथ धमाका हुआ, मकान के परखच्चे उड़े और भीषण आग लगी, उससे साफ है कि धमाका बैटरी के फटने से नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि जिस कमरे में बूस्ट करते समय बैटरी फटने की बात कही जा रही है, उस कमरे में भारी मलवा पड़ा है। मलवा न हट पाने के कारण टीम ने मौके की फोटोग्राफी तो की है लेकिन साक्ष्य जुटा नहीं सकी हैं। उन्होंने बताया कि मौके से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने के लिए उन्होंने एसपी अखिलेश चौरसिया को पत्र देकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ के केमिकल विशेषज्ञों को बुलाने की मांग की है। लखनऊ से विशेषज्ञों की टीम मंगलवार को आने की संभावना है। उधर, कोतवाली प्रभारी अमर सिंह ने बताया कि हर बिंदुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है। जांच में किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। 
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धमाके से नींद में दहले पड़ोसी
- बच्चे और बूढ़े सहमे, बम की अफवाह से अफरातफरी
- रेस्क्यू अभियान चलाकर आग पर पाया काबू 
- शाम तक घर से उठाया जाता रहा मलबा
धौरहरा। सोमवार की तड़के तेज धमाके ने लोगों को नींद में दहला कर रख दिया। अधिकतर लोग गहरी नींद में अपने घरों में सो रहे थे। धमाके से बच्चों से लेकर बूढ़े तक सभी सहम उठे। धमाका इतना तेज हुआ कि आसपास के कुछ मकानों में दरार पड़ गई। बम विस्फोट की चर्चा से लोग डरे-सहमे रहे और अफरातफरी मची रही। 
कसबा धौरहरा निवासी मोहम्मद शफी के घर पर भोर करीब साढ़े तीन बजे हुए धमाके ने सभी को एक बार झकझोर दिया। जिस समय धमाका हुआ, उस वक्त कस्बे के अधिकतर लोग गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक तेज धमाके से पूरे नगर में अफरातफरी मच गई। बूढ़ों से लेकर बच्चों तक सभी सहम गए। पड़ोसी मंगरू चौरसिया और अन्य मकानों की दीवारें भी दरक गयी। हिम्मत जुटाकर जब आसपास के लोग घरों से बाहर निकले तो उनकी नजर मोहम्मद शफी के घर से निकल रहे धुएं के गुबार पर पड़ी। घर के अंदर से लोग चीखपुकार कर बाहर की ओर भाग रहे थे लेकिन दहशत और धुएं के गुबार के चलते कोई आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। दिन निकलने के साथ ही कस्बे सहित आसपास से हजारों की तादाद में लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। 

पुलिस ने दिखाई सक्रियता, हटाया गैस सिलिंडर
तेज धमाके के साथ आग लगने की सूचना पर घटना से 10 मिनट बाद कोतवाली प्रभारी अमर सिंह दो पीआरडी जवानों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह से हिम्मत जुटाई और घर के अंदर रखे गैस से भरे दो सिलिंडर किसी तरह से निकाल कर बाहर फेंके। बाद में उन्होंने फायर बिग्रेड को सूचना दी। सूचना पर धौरहरा, निघासन और जिला मुख्यालय से दमकल की कुल चार गाड़ियां मौके पर पहुंची। इसके अलावा नगर पंचायत के चार टैंकर भी आग बुझाने के लिए लगाए गए लेकिन आग इतनी विकराल थी कि फायर ब्रिगेड कर्मचारी रेस्क्यू अभियान चलाकर साढ़े चार घंटे के बाद आग पर काबू पा सके।

बीस साल पहले भी हो चुका है धमाका 
मोहम्मद शफी के घर में धमाके की यह दूसरी घटना है। करीब 20 साल पहले भी उनके घर के बाहर की तरफ बनीं दुकान में विस्फोट हुआ था। इस दुकान का इस्तेमाल आतिशबाजी का सामान बेचने में किया जाता था। अचानक आतिशबाजी के सामान में आग लगने से धमाका हुआ था। हादसे में शफी की मां घायल हुईं थीं, जिनकी तीन दिन बाद मौत हो गई थी। उस समय भी धमाका इतनी तेज हुआ था कि दुकान खंडहर बन गई थी। 

एक ही परिवार हुआ हादसे का शिकार 
हादसे की चपेट में शफी के मंझले बेटे हबीबुल्ला का परिवार आया है। हबीबुल्ला की पत्नी और मासूम बेटे की हादसे में मौत हो गई, जबकि खुद हबीबुल्ला और बड़ा बेटा शीबू लखनऊ के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। हबीबुल्ला का दूसरे नंबर का बेटा अमान भी जख्मी हुआ है। हबीबुल्ला के माता-पिता, बड़े भाई अलीमुल्ला और छोटे भाई समीउल्ला और इनके परिवार बाल-बाल बच गए। हबीबुल्ला घर में ही टेलीविजन आदि की रिपेयरिंग आदि का भी काम करते हैं। 

सिर्फ दिवाली पर बेचते थे पटाखे 
कस्बे के बाजार वार्ड निवासी शफी का पटाखा बनाने का पुश्तैनी धंधा है। वह पटाखों को बनाने और बेचने का कार्य कस्बे से बाहर सिसैया रोड पर करते थे। दो सालों से लाइसेंस रिन्यूवल न होने से उन्होंने पटाखे बनाने का काम बंद कर दिया। शफी के बेटे समीउल्ला ने एसपी अखिलेश चौरसिया को बताया कि लाइसेंस रिन्यूवल न होने से पटाखे नहीं बनाते हैं। दिवाली में अस्थायी लाइसेंस लेकर पटाखों को खरीदकर बिक्री करते हैं। समीउल्ला ने घर पर बचे पटाखों के रखे होने की बात को भी सिरे से नकार दिया। 
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विधायक ने दी सांत्वना
धमाके में बहू और पोते की मौत और बेटे-पोते के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना पर बसपा विधायक शमशेर बहादुर और बसपा नेता इंजीनियर जीएस सिंह मो. शफी के घर पहुंचे और उनको सांत्वना दी। दोनों नेता मां-बेटे की अंतिम यात्रा में भी शरीक हुए।
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