कर्मचारियों ने एक शिकारी घेराबंदी कर बंदूक समेत गिरफ्तार
हत्या के प्रयास तथा वन अधिनियम की धारा में रिपोर्ट दर्ज
दुधवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र के रमुआपुर चौकी क्षेत्र में शिकार कर रहे शिकारियों को वनविभाग की टीम ने जब टोका तो शिकारियों ने टीम पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। इस पर टीम ने शिकारियों की घेराबंदी करते हुए एक शिकारी को दबोच लिया जबकि दूसरा फरार हो गया। वन विभाग ने वन अधिनियम तथा पुलिस ने हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज की हैं। पकड़े गए आरोपी के पास से एक विदेशी बंदूक भी बरामद हुई हैं।
दुधवा टाइगर रिजर्व अंतर्गत रमुआपुर चौकी के वन्यजीव रक्षक अभिलाष वर्मा, वन दरोगा राकेश शुक्ला, वन्यजीव रक्षक रामसिंह शाम करीब पांच बजे महोली बीट के पास गश्त कर रहे थे। जंगल में फायरिंग की आवाज सुनाई पड़ी। टीम फायरिंग की आवाज की तरफ गई। उधर चीतलों का झुंड भागता हुआ दिखाई पड़ा। चीतल के पीछे दो व्यक्ति दौड़ते हुए आ रहे थे। टीम ने उनकी घेराबंदी शुरू की तो उसमें से एक शिकारी ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी, जिससे वनरक्षक अभिलाष बाल-बाल बच गए। टीम ने एक आरोपी को बंदूक समेत दबोच लिया। दूसरा टीम को चकमा देकर फरार हो गया। पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम यूसुफ उर्फ चम्मू निवासी कोदी बाबा मजरा बौधिया बताया। दूसरे साथी का नाम जुगल बताया। इंस्पेक्टर डीसी मिश्रा ने बताया कि पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि यूसुफ सलीमाबाद निवासी मुख्तार की लाइसेंसी बंदूक मांगकर लाया था। मुख्तार की बंदूक के लाइसेंस का नंबर दूसरा और बरामद बंदूक के लाइसेंस का नंबर दूसरा हैं। यह बंदूक किसकी हैं। इस बात की जांच की जा रही हैं। यह बंदूक ब्रिटेन निर्मित हैं।