प्रधान के घर लूट और हत्या का मामला: पुलिस जांच मोड़ने को घर में की थी लूटपाट, चार लोग गिरफ्तार
पुलिस ने गांव कुशहा में प्रधान के घर पड़ी डकैती के दौरान उनके भाई की हत्या के मामले का मंगलवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने एक महिला व अन्य चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की माने तो प्रधान पर हुए जानलेवा हमले में प्रधान का भाई चश्मदीद गवाह था, इसलिए उसे हटाने के लिए हत्या की गई थी। पुलिस की जांच मोड़ने के लिए हत्यारोपियों ने घर में लूटपाट व मारपीट की थी। एसपी ने खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार के नकद ईनाम की घोषणा की है।
गांव कुसहा निवासी लखनियापुर गांव के प्रधान अखिलेश चौधरी उर्फ पप्पू के घर 24 मार्च 2017 की रात घुसे अज्ञात बदमाशों ने लूटपाट करने के साथ ही पप्पू के भाई 45 वर्षीय अवधेश चौधरी उर्फ गुड्डन की बांके से वार कर हत्या कर दी थी। गुड्डन की पत्नी सुनीता चौधरी की ओर से पुलिस ने आठ-दस अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। एसपी ने सीओ निघासन उमाशंकर सिंह के नेतृत्व में खुलासे के लिए टीम लगाई थी। साथ ही स्वॉट टीम को भी लगाया गया था। जांच के दौरान मिले क्लू के आधार पर पुलिस ने जब घटना की पड़ताल की तो मामला परत दर परत खुलता गया। स्वॉट टीम प्रभारी रामकुमार यादव ने पुलिस टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर ढखेरवा-धौरहरा रोड के परमेश्वरीपुरवा मोड़ के पास से एक बाइक पर सवार अमाल खां और आबिद अली को गिरफ्तार कर लिया। इस बाइक का भी कोई कागज नहीं है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर लूटे गए क्रमश: चार, साढ़े तीन हजार रुपये तथा दो-दो साड़ियों के अलावा तमंचे तथा कारतूस भी बरामद किए। पुलिस ने षड्यंत्र रचने में शामिल अमीना और आलमशेर को भी गिरफ्तार किया है। सीओ उमाशंकर सिंह ने बताया कि प्रधान की पड़ोसी अमीना पत्नी आबिद अली प्रधान के घर आती थी। घटना वाली रात के दो दिन पहले भी अमीन प्रधान के घर गई थी और उड़द धो रही उनकी मां अवधकुमारी से जबरन उड़द लेकर उसे धोया था और प्रधान और अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की थी। वर्ष 2007 में प्रधान पप्पू चौधरी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अहम व चश्मदीद गवाह गुड्डन की जल्द ही गवाही होनी थी। उसको रास्ते से हटाने की योजना 18 मार्च से ही बनाई जा रही थी। 23 मार्च को प्रधान के घर से थोड़ी ही दूरी पर रहने वाले और जानलेवा हमले के मुल्जिम शमीम के घर एक दावत हुई। इसमें कुसहा, लखनियापुर और पठाननपुरवा गांव के कई लोग शामिल हुए थे। शमीम का रिश्तेदार पठाननपुरवा गांव का हफीज भी दावत में आया था। अमीना के जरिए उनको इस बात की तस्दीक हो चुकी थी कि पप्पू चौधरी 24 की रात घर पर नहीं होंगे। अमीना के पति आबिद और गिरफ्तार अमाल ने इसकी जानकारी हफीज को दी। हफीज ने पठाननपुरवा निवासी अपने समधी गंजड़ी को और फिर पप्पू चौधरी से प्रधानी के चुनाव की रंजिश मानने वाले आलमशेर को दी। इस गुट का अनीस पप्पू से पिछला प्रधानी चुनाव 99 वोटों से हार गया था। इसकी चुनाव याचिका अभी भी एसडीएम धौरहरा के यहां चल रही थी। दावत में पप्पू चौधरी से रंजिश मानने वाले सभी लोग एकराय हो गए। उन्होंने प्रधानी चुनाव की रंजिश निकालने के साथ ही जानलेवा हमले के मामले से भी छुटकारा पाने का तरीका निकाला। घटना की रात प्रधान के घर पहुंचे आरोपियों ने अपने पांच अन्य साथियों के साथ पीछे से अंदर घुसकर दरवाजा खोला और घटना को अंजाम दिया था। कोतवाल डीसी मिश्रा ने बताया कि इस मामले में केवल गिरफ्तार आरोपी ही नहीं कई और मठाधीश भी शामिल थे।